
Kashmiri Youth Beaten: कनॉट प्लेस में कश्मीरी युवक से मारपीट का आरोप, PM मोदी के समर्थन में नारेबाजी के बाद भड़का विवाद; पुलिस जांच में जुटी
दिल्ली के कनॉट प्लेस में गुरुवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के बीच एक कश्मीरी युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। श्रीनगर के रहने वाले फहीम नजीर ने, जो खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताता है, आरोप लगाया कि मोदी के पक्ष में बोलने और राहुल गांधी से सवाल करने पर कुछ लोगों ने उसे पीटा। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग युवक को घेरकर धक्का देते और मारपीट करते दिख रहे हैं। हालांकि हमलावरों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
यह वाकया तब हुआ जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कनॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और सांसदों के लिए लंच रखा था। विपक्षी दल इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में दिल्ली में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी माहौल में फहीम नजीर वहां पहुंचा और उसने प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नारे लगाए।
मीडिया से बातचीत में फहीम ने बताया कि वह श्रीनगर का निवासी है और मोदी का समर्थक है। उसका कहना है कि वह किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं है और अपनी बात रखने ही कनॉट प्लेस आया था। फहीम के अनुसार वह राहुल गांधी से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल करना चाहता था।
फहीम का आरोप है कि उसने राहुल गांधी को कोई गाली या आपत्तिजनक बात नहीं कही थी, फिर भी वहां मौजूद कुछ लोगों ने उस पर हाथ उठा दिया। उसने कहा कि वह सिर्फ अपनी बात रख रहा था और प्रधानमंत्री के समर्थन में बोल रहा था, लेकिन विवाद बढ़ने पर उसे घेर लिया गया और धक्का-मुक्की व मारपीट की गई।
सामने आए वीडियो में युवक कुछ लोगों के बीच घिरा दिखता है और उसके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट होती नजर आती है। कुछ रिपोर्टों में थप्पड़ और मुक्के मारे जाने की बात भी कही गई है। लेकिन सिर्फ वीडियो के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि झगड़ा किस बात से शुरू हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था।
दूसरी ओर, घटनास्थल से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि युवक ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी या आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों से उसकी बहस बढ़ गई। फहीम ने इस दावे को नकारा है। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
अपने बयान में फहीम ने यह भी कहा कि वह देश के हालात को लेकर चिंता जताना चाहता था। उसने आरोप लगाया कि देश को नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति में धकेलने की साजिश हो रही है। इस राजनीतिक दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसे सिर्फ उसके निजी बयान के तौर पर देखा जा रहा है।
घटना के बाद मामला सियासी रंग ले गया। भाजपा नेताओं ने कथित मारपीट की निंदा करते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से सवाल किए। उनका कहना है कि राजनीतिक राय रखने या किसी नेता से सवाल पूछने पर किसी को हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए। इस रिपोर्ट के समय तक कांग्रेस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
फहीम नजीर ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस उसकी शिकायत की जांच कर रही है और उसका मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो और अन्य साक्ष्यों को खंगाल रही है, जिसके बाद ही साफ होगा कि मारपीट में कौन लोग शामिल थे और विवाद कैसे शुरू हुआ।
यह घटना ऐसे वक्त सामने आई है जब दिल्ली में SIR के खिलाफ कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के प्रदर्शन लगातार चल रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और इसी वजह से वह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को खारिज करते आए हैं।
कनॉट प्लेस की इस घटना ने चल रहे राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच एक अलग विवाद खड़ा कर दिया है, और अभिव्यक्ति की आजादी तथा राजनीतिक असहमति पर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।






