
Khan Market Redevelopment: उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के सख्त पालन के निर्देश
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित खान मार्केट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने की दिशा में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने बाजार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मध्य लेन में चल रहे सुधार एवं पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष Keshav Chandra, उपाध्यक्ष Kuljeet Singh Chahal तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उपराज्यपाल ने परियोजना की प्रगति, कार्यान्वयन की समय-सीमा और नागरिक सुविधाओं के उन्नयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और बाजार में आए आगंतुकों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को जाना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की वैश्विक दृष्टि के अनुरूप खान मार्केट को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यावसायिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खान मार्केट में ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए जो आगंतुकों को नया अनुभव प्रदान करे और दिल्ली के आधुनिक विकास की झलक दिखाए। इसके लिए नागरिक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर यातायात प्रबंधन, पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सुगम बनाना आवश्यक है।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाकर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
अपने दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने सत्य मार्ग स्थित मॉड्यूलर वर्षा जल संचयन प्रणाली का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इस प्रणाली की संरचना, कार्यप्रणाली और दीर्घकालिक उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों से इसके संचालन और रखरखाव पर चर्चा की।
उपराज्यपाल ने कहा कि जल संरक्षण के लिए आधारभूत ढांचे का विकेंद्रीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मॉड्यूलर वर्षा जल संचयन प्रणालियां भूजल स्तर को बढ़ाने, जलभराव की समस्या को कम करने और शहरी जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मानसून को देखते हुए उन्होंने सभी लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली को जलवायु-अनुकूल, पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और हरित राजधानी बनाने के लिए ऐसी परियोजनाओं का विस्तार आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा ने उपराज्यपाल को जानकारी दी कि परिषद की कुल 340 मौजूदा एवं प्रस्तावित वर्षा जल संचयन संरचनाओं में से 290 का कार्य पूरा किया जा चुका है और उन्हें संचालन के लिए तैयार कर दिया गया है। शेष 50 संरचनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें जून 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान एनडीएमसी ने 61 मॉड्यूलर वर्षा जल संचयन गड्ढों का निर्माण किया है, जिनमें प्रत्येक की भंडारण क्षमता 30 किलोलीटर है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना है।

एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के विजन और उपराज्यपाल के मार्गदर्शन में एनडीएमसी स्वच्छ, हरित, स्मार्ट और विश्वस्तरीय नई दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खान मार्केट राष्ट्रीय राजधानी के सबसे प्रमुख व्यावसायिक स्थलों में से एक है, जहां देश और विदेश से बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
उन्होंने बताया कि बाजार के समग्र पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं ताकि बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाया जा सके, पहुंच-सुविधा में सुधार हो और आगंतुकों तथा व्यापारियों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खान मार्केट में विशेष रात्रिकालीन सफाई अभियान भी शुरू किया गया है।
एनडीएमसी का मानना है कि खान मार्केट का पुनर्विकास और वर्षा जल संचयन प्रणालियों का विस्तार राजधानी में आधुनिक नागरिक सुविधाओं, पर्यावरणीय स्थिरता और टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।






