
Jaspal Rana Death: दिग्गज शूटर और मनु भाकर के कोच जसपाल राणा का निधन, भारतीय खेल जगत में शोक की लहर
भारतीय शूटिंग जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के महान निशानेबाज, अंतरराष्ट्रीय कोच और कई युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शक Jaspal Rana का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। जसपाल राणा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। गुरुवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारतीय शूटिंग टीम के साथ लौटने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उनका मेडिकल उपचार किया गया और स्वास्थ्य में गिरावट आने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
National Rifle Association of India के अध्यक्ष Kalikesh Narayan Singh Deo ने जसपाल राणा के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय शूटिंग ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों और प्रेरणादायक कोचों में से एक को खो दिया है।
जसपाल राणा का नाम भारतीय शूटिंग इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने 1988 में अहमदाबाद में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में अपने राष्ट्रीय डेब्यू पर रजत पदक जीतकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। उनकी इस उपलब्धि को उस समय भारतीय शूटिंग के भविष्य की बड़ी शुरुआत माना गया था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी सबसे बड़ी शुरुआती सफलता 1994 में इटली के मिलान में आयोजित 46वीं विश्व शूटिंग चैंपियनशिप के जूनियर वर्ग में मिली। उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्णिम प्रदर्शन करते हुए भारत को गौरवान्वित किया और विश्व शूटिंग मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई।
जसपाल राणा ने अपने शानदार करियर के दौरान एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए अनेक पदक जीते। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय शूटिंग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में वे भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे। उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 के संस्करणों में कुल 15 पदक अपने नाम किए। इनमें 9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल थे। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय खेल इतिहास के सबसे सफल निशानेबाजों में शामिल करती है।
एशियाई खेलों में भी उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्होंने कुल 8 पदक जीते जिनमें 4 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने कई वर्षों तक भारतीय शूटिंग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती प्रदान की।
देश के लिए उनके असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए। वर्ष 1994 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि 1997 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान Padma Shri से नवाजा गया। बाद में कोच के रूप में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2020 में Dronacharya Award भी प्रदान किया गया।
खिलाड़ी के रूप में शानदार करियर के बाद जसपाल राणा ने कोचिंग के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने भारतीय शूटिंग की नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवा निशानेबाजों को तकनीकी मार्गदर्शन और मानसिक मजबूती देने के लिए उन्हें विशेष रूप से जाना जाता था।
हाल के वर्षों में उनका नाम भारतीय स्टार निशानेबाज Manu Bhaker के कोच के रूप में भी काफी चर्चा में रहा। माना जाता है कि 2024 पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर को दो कांस्य पदक दिलाने में जसपाल राणा की कोचिंग और रणनीति की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनके मार्गदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की।
जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। एक महान खिलाड़ी, सफल कोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। खेल जगत की कई हस्तियों, खिलाड़ियों और संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।





