
NDMC Integrated Command Centre Visit: उपराज्यपाल ने पालिका केंद्र में स्मार्ट सिटी सिस्टम और हीटवेव तैयारियों की समीक्षा की
नई दिल्ली में New Delhi Municipal Council (NDMC) के पालिका केंद्र स्थित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (ICCC) का सोमवार को दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राजधानी में बढ़ती लू (हीटवेव) की स्थिति से निपटने के लिए एनडीएमसी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और फील्ड स्टाफ, श्रमिकों, बच्चों तथा वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों का आकलन किया। दौरे के दौरान नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य और सचिव राहुल सिंह भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल ने कमांड सेंटर की डिजिटल क्षमताओं, रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं के एकीकृत संचालन की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल देश की राजधानी ही नहीं बल्कि विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित प्रशासन का मॉडल तैयार किया जाना चाहिए। एनडीएमसी के अधिकारियों ने बताया कि यह कमांड सेंटर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 2020 में शुरू किया गया था और अब यह 49 से अधिक नागरिक सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है, जिसमें स्वच्छता, पार्किंग, स्ट्रीट लाइटिंग, सीवेज प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी सेवाएं शामिल हैं। इस सिस्टम में सीसीटीवी नेटवर्क, एयर क्वालिटी सेंसर, जीआईएस मैपिंग, जीपीएस आधारित कचरा प्रबंधन और स्काडा तकनीक जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं, जो शहर के संचालन को अधिक तेज और सटीक बनाती हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि वर्तमान गर्मी का मौसम प्रशासनिक तैयारियों की असली परीक्षा है और सभी एजेंसियों को ऐसे मॉडल तैयार करने चाहिए जो देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण बन सकें। उन्होंने आगामी मानसून के लिए भी अग्रिम योजना बनाने और जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। एनडीएमसी अध्यक्ष ने जानकारी दी कि कमांड सेंटर के माध्यम से स्कूलों, अस्पतालों, पार्कों और सेवा केंद्रों में जल आपूर्ति और अन्य सुविधाओं की रियल टाइम निगरानी की जा रही है। साथ ही लू से प्रभावित लोगों के लिए विशेष चिकित्सा सहायता और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था भी तैयार रखी गई है। एनडीएमसी ने फील्ड स्टाफ के लिए ओआरएस, सुरक्षित पेयजल, सुरक्षात्मक उपकरण और कार्य समय में बदलाव जैसे उपाय लागू किए हैं ताकि अत्यधिक गर्मी के दौरान जोखिम को कम किया जा सके। जन-जागरूकता अभियान भी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से चलाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल ने एनडीएमसी की इस पहल को शहरी प्रशासन का एक मजबूत मॉडल बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।






