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Nari Shakti Vandan Act Rally Delhi: महिला आरक्षण के समर्थन में भव्य पदयात्रा, नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम

Nari Shakti Vandan Act Rally Delhi: महिला आरक्षण के समर्थन में भव्य पदयात्रा, नेताओं ने बताया ऐतिहासिक कदम

पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में विभिन्न महिला मंडलों, संगठनों और एनजीओ द्वारा एक भव्य पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा विकास मार्ग स्थित मधुबन चौक से लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण के पक्ष में अपनी आवाज बुलंद की।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Harsh Malhotra और Virendra Sachdeva मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति समर्थन और आभार भी व्यक्त किया गया।

केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भारत में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, जो लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम महिलाओं को राष्ट्र निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाएगा और लोकतंत्र में लैंगिक समानता को मजबूती देगा।

उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, यह आरक्षण रोटेशन प्रणाली के आधार पर लागू होगा और जनगणना तथा परिसीमन के बाद प्रभावी किया जाएगा।

भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं संसद में बहस, नीति निर्माण और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। यह अधिनियम सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रतिनिधिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पदयात्रा के दौरान हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद”, “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इस आयोजन में कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को व्यापक समर्थन दिया।

यह पदयात्रा न केवल महिला आरक्षण के प्रति समर्थन का प्रतीक बनी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि देश में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए समाज के विभिन्न वर्ग सक्रिय रूप से आगे आ रहे हैं।

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