
Shiv Sena UBT : सांसदों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से गरमाई राजनीति, संजय राउत ने लगाए बड़े आरोप
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर सियासी आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने और राजनीतिक समीकरण बदलने के लिए बड़े पैमाने पर धनबल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को 50-50 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया जा रहा है और कथित तौर पर 15-15 करोड़ रुपये एडवांस के रूप में भी दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
बुधवार को शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार के गैर-कानूनी दलबदल को रोका जाए और संसदीय लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी को कमजोर करने और सांसदों को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक शक्तियां धनबल के जरिए जनप्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही हैं। राउत ने कहा कि यदि वर्ष 2022 की तरह फिर से पार्टी में फूट डालने का प्रयास किया गया तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना के सांसद इसका कड़ा विरोध करेंगे।
संजय राउत ने अपने बयान में कहा कि शिवसेना (यूबीटी) किसी भी दबाव या प्रलोभन के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के अधिकांश सांसद और कार्यकर्ता संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं और राजनीतिक खरीद-फरोख्त की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। उनके बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में बड़ी राजनीतिक टूट देखने को मिली थी, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में व्यापक बदलाव हुए थे। उसी घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए राउत ने कहा कि पार्टी पहले भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुकी है और भविष्य में भी किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान संजय राउत के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अरविंद सावंत तथा अनिल देसाई मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद राजाभाऊ भी उनके साथ दिखाई दिए। हालांकि, पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से केवल कुछ सांसदों की मौजूदगी ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी और संसदीय रणनीतियों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल और राजनीतिक वफादारी को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। वहीं, संजय राउत के आरोपों ने विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और आगे राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में बढ़ता है।
Sanjay Raut, Shiv Sena UBT, Maharashtra Politics, Om Birla, Arvind Sawant, Anil Desai, MP Horse Trading Allegation, Maharashtra News, Political Crisis Maharashtra, Shiv Sena Split, Uddhav Thackeray, Parliament News





