NDMC Teachers Award: शिक्षक दिवस पर 13 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, मनोज कुमार द्विवेदी बोले- आज के बच्चे बनाएंगे कल का भारत
नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 13 शिक्षकों को प्रतिष्ठित ‘एनडीएमसी शिक्षक पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया। एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर में आयोजित समारोह में शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया। पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में अटल आदर्श विद्यालयों के आठ और नवयुग स्कूलों के पांच शिक्षक शामिल हैं।
एनडीएमसी की ओर से शिक्षक दिवस पर आयोजित इस समारोह का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण समर्पण, प्रतिबद्धता और अनुकरणीय सेवा देने वाले शिक्षकों के योगदान को पहचान देना था। सम्मान समारोह के दौरान एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने सभी 13 पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए नई दिल्ली के शैक्षिक तंत्र को मजबूत बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानित करना केवल शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और योगदान की पहचान भर नहीं है, बल्कि इससे उन विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और मनोबल भी बढ़ता है, जिनका वे मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता के बाद व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक की छवि और उनकी दी गई सीख लंबे समय तक विद्यार्थियों की स्मृतियों में बनी रहती है, क्योंकि शिक्षक उनके जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं।
एनडीएमसी अध्यक्ष ने शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि इसे केवल अंक, परीक्षा या पदक हासिल करने तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, करुणा, दूसरों के प्रति सहानुभूति, सामाजिक कौशल, अनुशासन, कार्यकुशलता और जीवन तथा काम के प्रति सही दृष्टिकोण विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये गुण किसी व्यक्ति को एक संपूर्ण इंसान बनने और सार्थक जीवन जीने में मदद करते हैं। इसी कारण औपचारिक शिक्षा के साथ मूल्य आधारित और अनौपचारिक शिक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
शिक्षक दिवस पर मनोज कुमार द्विवेदी ने शिक्षकों से प्रतिदिन कुछ नया सीखने का संकल्प लेने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक हर दिन कम से कम एक नई चीज सीखे और उसे अपनी डायरी में दर्ज करे। लगातार एक वर्ष तक ऐसा करने पर 365 दिनों में उनके पास 365 नई सीख होंगी, जो भविष्य में उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने शिक्षकों से अपना अधिकतम ध्यान बच्चों की शिक्षा और चरित्र निर्माण पर केंद्रित करने का आह्वान किया। द्विवेदी ने कहा कि प्रशासनिक मामलों को प्रशासन संभालेगा और शिक्षकों को अपनी पूरी ऊर्जा विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज स्कूलों में जिन बच्चों को तैयार किया जा रहा है, वही आगे चलकर भारत के भविष्य का निर्माण करेंगे।
एनडीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि ज्ञानवान, कुशल, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करके शिक्षक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रगतिशील समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि शैक्षिक दृष्टिकोण को विद्यार्थियों के लिए वास्तविक और सार्थक परिणामों में बदलने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों की होती है।
समारोह में सम्मानित शिक्षकों की लगन, नवाचार, पेशेवर प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के समग्र विकास में उनके योगदान की भी सराहना की गई। ‘एनडीएमसी शिक्षक पुरस्कार 2026’ पाने वालों में अटल आदर्श विद्यालय, मोती बाग के प्राचार्य विजय पाल और अटल आदर्श विद्यालय, किदवई नगर के पीजीटी वाणिज्य के.के. शर्मा शामिल रहे।
इसके अलावा अटल आदर्श प्राथमिक विद्यालय, आर.के. आश्रम मार्ग के सहायक शिक्षक हेमंत कुमार, अटल आदर्श विद्यालय, लोधी रोड के संगीत शिक्षक सतीश कुमार, अटल आदर्श प्राथमिक विद्यालय, आर.के. आश्रम मार्ग की सहायक शिक्षिका चंद्र किरण, अटल आदर्श विद्यालय, किचनर रोड के टीजीटी कंप्यूटर अरुण कुमार, अटल आदर्श विद्यालय, लक्ष्मी बाई नगर के टीजीटी गणित घन श्याम वर्मा और अटल आदर्श बालिका विद्यालय, गोल मार्केट की सहायक शिक्षिका मेघना कश्यप को भी सम्मानित किया गया।
नवयुग स्कूलों से नवयुग स्कूल, मोती बाग की उप-प्राचार्या सुनीता दीवान, नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर की पीजीटी भौतिक विज्ञान भवानी, नवयुग स्कूल, मोती बाग की पीजीटी कंप्यूटर साइंस स्वाति साहनी, नवयुग स्कूल, पंडारा पार्क की टीजीटी विज्ञान रेनू कुमारी और नवयुग स्कूल, लोधी रोड के पीजीटी ललित कला अंजनी प्रसाद को ‘एनडीएमसी शिक्षक पुरस्कार 2026’ प्रदान किया गया।
सभी 13 पुरस्कार विजेता शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, शील्ड और शॉल के साथ 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। एनडीएमसी के अनुसार, यह पुरस्कार ऐसे शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने की पहल है, जो लगातार शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रयास कर रहे हैं और विद्यार्थियों के बीच रचनात्मकता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ उन्हें ज्ञान, मूल्यों और जीवन कौशल की मजबूत नींव प्रदान कर रहे हैं।
कार्यक्रम में एनडीएमसी के निदेशक शिक्षा राकेश दहिया, मुख्य अभियंता सिविल विजय कुमार, अधीक्षण अभियंता सिविल विशाल कौशिक समेत परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। समारोह के माध्यम से शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया।

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