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NDMC Initiative: गोल्फ लिंक बना एनडीएमसी की नौवीं ‘अनुपम कॉलोनी’, जीरो वेस्ट मॉडल को मिली पहचान

NDMC Initiative: गोल्फ लिंक बना एनडीएमसी की नौवीं ‘अनुपम कॉलोनी’, जीरो वेस्ट मॉडल को मिली पहचान

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने अपने जीरो वेस्ट और सतत विकास अभियान के तहत गोल्फ लिंक कॉलोनी को नौवीं “अनुपम कॉलोनी” के रूप में प्रमाणित किया है। नई दिल्ली स्थित गोल्फ लिंक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा ने प्रमाणन पट्टिका का अनावरण किया और कॉलोनी के निवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

एनडीएमसी की ओर से गोल्फ लिंक कॉलोनी को उत्कृष्ट अपशिष्ट प्रबंधन और सतत विकास कार्यों के लिए आदर्श आवासीय समुदाय के रूप में यह सम्मान दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर और स्वच्छ समुदायों में बदलना है।

एनडीएमसी अध्यक्ष श्री केशव चंद्रा ने कहा कि गोल्फ लिंक कॉलोनी को नौवीं “अनुपम कॉलोनी” के रूप में मान्यता मिलना पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत जीवनशैली के प्रति निवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कॉलोनी ने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण को प्रभावी तरीके से अपनाया है, जिससे रीसाइक्लिंग योग्य सामग्री को उचित केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि गोल्फ लिंक में गीले कचरे को खाद में परिवर्तित कर उसी कॉलोनी के बागवानी कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन हो रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर संसाधनों के पुन: उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।

एनडीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि गोल्फ लिंक के निवासियों के प्रयासों ने समुदाय आधारित कूड़ा प्रबंधन का एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के साथ-साथ जिम्मेदार और आत्मनिर्भर समुदायों के विकास में भी मदद करती हैं।

उन्होंने इस उपलब्धि में सहयोग करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और सामुदायिक समूहों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छ और हरित राजधानी के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

गोल्फ लिंक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय माथुर ने एनडीएमसी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “अनुपम कॉलोनी” प्रमाणन कॉलोनी के निवासियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिम्मेदार कूड़ा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली को अपनाकर जीरो वेस्ट कॉलोनी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

गोल्फ लिंक एसोसिएशन की संयुक्त सचिव नम्रता खन्ना ने बताया कि कॉलोनी के निवासी “रिड्यूस, रीयूज़ और रीसाइकिल” के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनजीओ चिंतन के सहयोग से स्थानीय स्तर पर सतत कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक संग्रहण और निपटान के लिए इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के साथ भी मिलकर काम किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण अनुकूल वातावरण तैयार करना है।

कार्यक्रम में डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव, एमओएच एनडीएमसी, स्थानीय आवासीय संघ के प्रतिनिधि, एनडीएमसी के विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कर्मचारी और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि मौजूद रहे।

“अनुपम कॉलोनी” पहल एनडीएमसी के सतत विकास एजेंडा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत उन कॉलोनियों को प्रमाणित किया जाता है, जो वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन प्रणाली अपनाने के साथ-साथ निवासियों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती हैं।

गोल्फ लिंक को शामिल किए जाने के बाद एनडीएमसी अब तक कुल नौ आवासीय क्षेत्रों को “अनुपम कॉलोनी” के रूप में प्रमाणित कर चुका है। इनमें चाणक्यपुरी, भारती नगर, आराधना, बापू धाम, न्यू मोती बाग, काका नगर, जोर बाग, सांगली अपार्टमेंट्स और अब गोल्फ लिंक शामिल हैं।

एनडीएमसी लगातार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों और नागरिकों को सतत कूड़ा प्रबंधन अभियानों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि नई दिल्ली को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाया जा सके।

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