
Jantar Mantar Protest: 13 अक्टूबर के प्रदर्शन की जांच में CJP के तीन नेताओं से चार घंटे पूछताछ, लगभग 70 सवाल
जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने CJP के तीन नेताओं से करीब चार घंटे पूछताछ की। पार्टी के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे 5 नवंबर को राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की तैयारी और आयोजन से संबंधित लगभग 70 सवाल रखे गए। पार्टी के प्रतिनिधि ने पूछताछ को नियमित जांच का हिस्सा बताते हुए सहयोग जारी रखने की बात कही।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं से करीब चार घंटे तक प्रश्न किए। गुरुवार, 5 नवंबर को सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे पूछताछ के लिए राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों नेताओं से करीब 70 सवाल पूछे गए। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के के समय कुछ सवालों के जवाब नेताओं ने नहीं दिए।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीनों नेता सुबह करीब 11 बजे क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे और दोपहर लगभग 3 बजे पूछताछ पूरी हुई। यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को किए गए प्रदर्शन से जुड़े दो एफआईआर के सिलसिले में की गई। ये मामले पहले कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दर्ज किए गए थे, जिन्हें बाद में जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।
पुलिस के बयान के अनुसार, प्रदर्शन के के समय CJP नेताओं और उनके साथियों पर आरोपों के अनुसार निजी संपत्ति के रास्ते प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने और वहां लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप हैं। बताया गया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल की अधिसूचना रद्द किए जाने के बाद भी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहां प्रदर्शन किया था। इस के समय उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया था। इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने दो विभिन्न एफआईआर दर्ज की थीं।
पूछताछ के के समय पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन की योजना, जंतर-मंतर तक पहुंचने के रास्ते, वहां मौजूद लोगों की भूमिका और प्रतिबंधों की जानकारी होने से जुड़े सवाल पूछे। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि प्रदर्शन के आयोजन में किन लोगों की भूमिका थी और मौके पर लागू नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। पूछताछ इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों ने की।
पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर मीडिया के साथ बातचीत करते हुए CJP नेता आशुतोष रांका ने इसे 13 अक्टूबर की घटना से जुड़ी सामान्य जांच प्रक्रिया बताया। उन्होंने यह कहा कि पार्टी के नेता जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। रांका ने यह भी यह कहा कि तिरंगा कहीं भी फहराना अपराध नहीं होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रकरण की पड़ताल निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और पार्टी की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले भी तीनों नेताओं को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने पहले और समय मांगा था और निर्धारित समय पर पेश नहीं हुए थे। अब गुरुवार को उनकी पूछताछ पूरी हुई है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच दोनों एफआईआर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस प्रदर्शन के के समय कथित नियम उल्लंघन, निजी संपत्ति के रास्ते प्रवेश और आयोजकों की भूमिका से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है।
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