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SIR Protest: कश्मीरी गेट में AAP-INDIA गठबंधन का प्रदर्शन, SIR वापस लेने और CEC के इस्तीफे की मांग

SIR Protest: कश्मीरी गेट में AAP-INDIA गठबंधन का प्रदर्शन, SIR वापस लेने और CEC के इस्तीफे की मांग

दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का विरोध बुधवार को और तेज हो गया। आम आदमी पार्टी और INDIA गठबंधन से जुड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SIR वापस लेने, कथित तौर पर हटाए गए नामों पर जवाब देने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान AAP और अन्य विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित की। कुछ स्थानों पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्तिगत राजनीतिक विरोध के बजाय संविधान और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से जवाब मांगने की बात कही। हालांकि इन दावों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से अलग रुख सामने आया है।

विपक्ष का कहना है कि SIR की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। विपक्षी दल चाहते हैं कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाने से पहले पर्याप्त सत्यापन हो और दावे-आपत्तियों के लिए उचित अवसर दिया जाए।

AAP का दावा है कि दिल्ली में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कितने नाम हटाए गए, किन कारणों से हटे और प्रभावित मतदाताओं को क्या अवसर मिला। चुनाव आयोग इन राजनीतिक आरोपों को स्वीकार नहीं करता।

AAP ने इससे पहले 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर और 4 अक्टूबर को इंडिया गेट के पास भी प्रदर्शन किया था। बुधवार को कश्मीरी गेट स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को विरोध का केंद्र बनाया गया। पार्टी का कहना है कि जब तक SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने कार्यालय के भीतर प्रतिनिधिमंडल भेजकर अधिकारियों से मिलने की मांग की। सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि तीन लोगों को अंदर जाकर अधिकारी से बात करने की अनुमति देने की बात कही गई, लेकिन विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं माना और विस्तृत बातचीत की मांग दोहराई।

सुरक्षा के मद्देनजर कश्मीरी गेट और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। बैरिकेडिंग के साथ ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई। बुलेवार्ड रोड, रिंग रोड, एसपी मार्ग और एनएस मार्ग समेत कई सड़कों पर यातायात नियंत्रित किए जाने की बात सामने आई।

दूसरी तरफ चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण पात्र मतदाताओं को हटाने के लिए नहीं, बल्कि सूची को अपडेट करने तथा अपात्र, डुप्लीकेट या गलत तरीके से दर्ज नामों को हटाने के लिए है। आयोग के अनुसार दावे और आपत्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया मौजूद है।

दिल्ली में SIR को लेकर राजनीतिक टकराव अब सड़क से चुनाव आयोग तक पहुंच चुका है। कांग्रेस, AAP और अन्य विपक्षी दल इसे मतदाताओं के अधिकार से जोड़ रहे हैं, जबकि आयोग इसे मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखता है। AAP ने 10 अक्टूबर को भी बड़े प्रदर्शन की तैयारी का संकेत दिया है, जिससे यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी दिल्ली की राजनीति में बना रह सकता है।

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