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Guna Police Constable Suicide: गुना में महिला आरक्षक निशा शर्मा ने सरकारी आवास में लगाई फांसी, पुलिस विभाग में शोक की लहर

Guna Police Constable Suicide: गुना में महिला आरक्षक निशा शर्मा ने सरकारी आवास में लगाई फांसी, पुलिस विभाग में शोक की लहर

मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अपनी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचान रखने वाली महिला पुलिस आरक्षक निशा शर्मा ने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। निशा शर्मा की गिनती गुना पुलिस की सक्रिय और जांबाज महिला आरक्षकों में होती थी, जिनकी कार्यशैली और साहस की अक्सर सराहना की जाती थी।

जानकारी के अनुसार 2016 बैच की आरक्षक निशा शर्मा वर्तमान में गुना सिटी कोतवाली में पदस्थ थीं। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की निवासी थीं और गुना पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास OR/7 में अकेली रहती थीं। बुधवार सुबह उनका शव उनके सरकारी क्वार्टर में पंखे से लटका हुआ मिला, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई।

बताया जा रहा है कि घटना से पहले निशा शर्मा ने अपनी बहन से फोन पर बातचीत की थी। इसके अलावा बुधवार सुबह करीब 7 बजे उन्होंने अपनी एक मित्र से भी फोन पर सामान्य बातचीत की थी। बातचीत के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या तनाव की जानकारी सामने नहीं आई थी। लेकिन इसके कुछ समय बाद यह दुखद घटना सामने आ गई।

सुबह करीब 8 बजे जब घर में काम करने वाली महिला कर्मचारी रोज की तरह उनके आवास पर पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। महिला ने सोचा कि शायद निशा किसी काम में व्यस्त होंगी और वहां से चली गई। लगभग एक घंटे बाद जब वह दोबारा लौटी और फिर भी दरवाजा नहीं खुला तो उसे संदेह हुआ। इसके बाद पड़ोसियों और अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी गई।

स्थिति संदिग्ध लगने पर पड़ोसियों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। निशा शर्मा का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ था। घटना की सूचना तत्काल पुलिस अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।

निशा शर्मा को पुलिस विभाग में एक साहसी, मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ महिला कर्मी के रूप में जाना जाता था। उन्हें बुलेट मोटरसाइकिल चलाने का विशेष शौक था और कई महत्वपूर्ण वीआईपी ड्यूटी तथा कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियों को उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया था। सहकर्मियों के अनुसार वह बेहद हंसमुख स्वभाव की थीं और हमेशा अपने काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ अंजाम देती थीं।

परिजनों ने बताया कि निशा परिवार की सबसे बड़ी बेटी थीं और सभी की लाडली थीं। उन्होंने कहा कि परिवार को कभी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेंगी। परिजनों का कहना है कि निशा अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर थीं और हमेशा परिवार का सहारा बनी रहीं।

घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। साथ ही मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाएगी ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

फिलहाल इस घटना ने पुलिस विभाग और स्थानीय समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। सभी लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि एक बहादुर और सक्रिय पुलिसकर्मी ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले के कारणों पर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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