
NDMC Service Pledge: कर्मचारियों के लिए 10 सेवा संकल्प और 18 सूत्रीय आचार संहिता लागू, रिश्वत और जानबूझकर देरी पर रोक
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद यानी NDMC ने अपने कर्मचारियों के लिए 10 सेवा संकल्प और 18 सूत्रीय आचार संहिता लागू की है। इसका उद्देश्य नगर निकाय की सेवाओं में नागरिकों को प्राथमिकता देने, काम में जानबूझकर देरी रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने पर जोर देना है। यह दिशा-निर्देश 30 सितंबर को NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी की ओर से जारी एक सर्कुलर के माध्यम से सामने आए हैं। NDMC की आधिकारिक वेबसाइट पर मनोज कुमार द्विवेदी को वर्तमान अध्यक्ष के रूप में दर्ज किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत 10 सेवा संकल्पों को NDMC के विभिन्न कार्यालयों में प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन संकल्पों का मूल भाव नागरिकों को सरकारी सेवा व्यवस्था में सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। इसके लिए “Nagrik Devo Bhava” की भावना पर जोर दिया गया है, यानी कर्मचारियों को नागरिकों के साथ जिम्मेदारी और सम्मान के साथ व्यवहार करने की अपेक्षा की गई है।
संकल्पों में कर्मचारियों से यह प्रतिबद्धता लेने को कहा गया है कि वे नागरिकों की सेवा करेंगे, कोई देख रहा हो या नहीं, ईमानदारी से काम करेंगे और जानबूझकर किसी काम में देरी नहीं करेंगे। कर्मचारियों को यह भी संदेश दिया गया है कि वे किसी काम को यह कहकर टालने के बजाय उसकी जिम्मेदारी लें कि “यह मेरा काम नहीं है।” इस व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को विभागों के बीच भटकने से बचाना और सेवा वितरण को अधिक जवाबदेह बनाना है।
आचार संहिता में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारियों को रिश्वत या कमीशन स्वीकार नहीं करने और फाइलों तथा भुगतान को जानबूझकर लंबित नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। आधिकारिक निर्णयों में व्यक्तिगत हितों को प्रभावी नहीं होने देने की बात कही गई है। निविदा, अनुबंध, भर्ती और नियामक कार्रवाई जैसी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि व्यक्तिगत संबंध, बाहरी दबाव या राजनीतिक संबद्धता निर्णयों को प्रभावित न कर सके।
नागरिकों की शिकायतों और सवालों से निपटने के तरीके को भी आचार संहिता में शामिल किया गया है। कर्मचारियों से शिकायतों को विनम्रता से सुनने और नागरिकों को बुनियादी नगर सेवाओं के लिए व्यक्तिगत संपर्कों पर निर्भर होने की स्थिति से बचाने को कहा गया है। यदि कोई नागरिक किसी ऐसे विभाग से संपर्क करता है जो उसके मामले के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, तो उसे वापस भेजने के बजाय संबंधित विभाग तक पहुंचने के बारे में मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए हैं।
NDMC की मौजूदा व्यवस्था में भी कई नागरिक सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित है। परिषद की वेबसाइट पर जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, पार्क और सामुदायिक भवन बुकिंग, बिजली और पानी के कनेक्शन तथा भवन योजना स्वीकृति जैसी सेवाओं के लिए Service Level Agreement के तहत निर्धारित समय-सीमा उपलब्ध है। नई आचार संहिता में जानबूझकर देरी रोकने पर जोर इसी तरह की सेवा वितरण व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
कार्यस्थल के व्यवहार को लेकर भी कर्मचारियों के लिए कई निर्देश जारी किए गए हैं। आचार संहिता में बुलिंग, यौन उत्पीड़न, अभद्र भाषा और भेदभाव पर रोक लगाने की बात कही गई है। कर्मचारियों को गोपनीय जानकारी की सुरक्षा करने के लिए भी कहा गया है। इसके अलावा निजी सोशल मीडिया गतिविधियों को सरकारी जिम्मेदारियों में बाधा नहीं बनने देने का निर्देश दिया गया है।
सार्वजनिक धन और नगर निकाय की संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर भी कर्मचारियों को जिम्मेदार रहने के निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता में बढ़े हुए या अनावश्यक अनुमान, गैरजरूरी खर्च और सरकारी वाहनों या नगर निगम की अन्य सुविधाओं के दुरुपयोग से बचने पर जोर दिया गया है। विभागाध्यक्षों को अधीनस्थ कर्मचारियों को अवैध मौखिक निर्देश देने से भी बचने की हिदायत दी गई है।
नई व्यवस्था में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी जोखिमों की जानकारी सामने लाने के लिए आधिकारिक सतर्कता चैनलों का इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों को साफ और बेहतर स्थिति में बनाए रखने की जिम्मेदारी केवल सफाई या इंजीनियरिंग विभागों तक सीमित नहीं रखने की बात कही गई है। इसके तहत NDMC के सभी कर्मचारियों को सार्वजनिक स्थानों की गुणवत्ता और व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार माना गया है।
NDMC की वेबसाइट पर नागरिकों के लिए Citizen Charter और अलग-अलग विभागों की सेवाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है। ऐसे में नए सेवा संकल्प और आचार संहिता का उद्देश्य कर्मचारियों के रोजमर्रा के व्यवहार को मौजूदा नागरिक सेवा व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के मानकों से जोड़ना है।
अब इस व्यवस्था का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि 10 सेवा संकल्प और 18 सूत्रीय आचार संहिता को NDMC के विभिन्न कार्यालयों में किस तरह लागू किया जाता है, कर्मचारियों तक इसके निर्देश किस स्तर तक पहुंचते हैं और उल्लंघन की स्थिति में क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल सर्कुलर में नागरिक-केंद्रित सेवा, ईमानदारी, समयबद्ध कामकाज और नियमों के पालन को प्रमुख जिम्मेदारियों के रूप में रेखांकित किया गया है।






