
Gujarat Civic Polls: गुजरात निकाय चुनाव में BJP की जीत पर अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, बोले- कांग्रेस 41 साल से हार रही
नई दिल्ली। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा की जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी पराजय के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए। शाह ने सवाल किया कि क्या पार्टी गुजरात के नतीजों के लिए भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को जिम्मेदार बताएगी। उन्होंने अन्य राज्यों के चुनाव परिणामों का हवाला देकर भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए।
गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों में भाजपा को 38, कांग्रेस को पांच और निर्दलीय उम्मीदवार को एक सीट मिली। आम आदमी पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी। पिछले चुनाव में भाजपा ने 41, कांग्रेस ने दो और आम आदमी पार्टी ने एक सीट हासिल की थी। इस तरह भाजपा की सीटें तीन घटीं और कांग्रेस की तीन बढ़ीं, लेकिन निगम में भाजपा का बहुमत कायम रहा।
अमित शाह ने दावा किया कि गांधीनगर में भाजपा के वोट प्रतिशत में 10 फीसदी की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में 1985 के बाद से जीत हासिल नहीं कर पाई है और उसे हार का कारण चुनावी प्रक्रिया में तलाशने के बजाय अपने प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए। ये बातें शाह की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं।
गृह मंत्री ने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के उपचुनावों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी की। उन्होंने असम के नौगांव, पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर तथा पुडुचेरी में भाजपा या उसके सहयोगियों की सफलताओं का दावा किया। उनके अनुसार, इन नतीजों को विपक्ष को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार के संकेत के रूप में देखना चाहिए।
राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों पर शाह ने दावा किया कि भाजपा ने नगर निगमों की लगभग 90 प्रतिशत, नगर परिषदों की 66 प्रतिशत और नगरपालिकाओं की 65 प्रतिशत सीटें जीतीं। त्रिपुरा की ग्राम समितियों की 4,600 सीटों में से करीब 4,000 सीटें एनडीए को मिलने का दावा भी उन्होंने किया। उन्होंने खास तौर पर कहा कि त्रिपुरा में मतदान बैलेट पेपर से हुआ था। ये आंकड़े और निष्कर्ष शाह के बयान के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
राहुल गांधी और विपक्षी एकजुटता पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा कि बड़ी सभाएं आयोजित कर लेना ही जनता की आवाज बनने का प्रमाण नहीं है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में मतदाताओं की अपेक्षाओं को समझना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया।
SIR पर जारी विवाद के बीच शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाया। यह भाजपा नेता का आरोप है; विपक्ष मतदाता सूची में संशोधन और नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर अपनी चिंताएं उठाता रहा है। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
शाह ने 2029 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और एनडीए की जीत का विश्वास भी जताया। यह भविष्य के चुनाव को लेकर उनका राजनीतिक अनुमान है, न कि तय परिणाम। गुजरात के नतीजों में भाजपा का बहुमत बना रहने के साथ कांग्रेस की सीटों में हुई वृद्धि भी दर्ज हुई है। अब इन परिणामों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और SIR पर बहस जारी रहने की संभावना है।







