
दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के उद्देश्य से कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मजेंटा लाइन के विस्तार के साथ राजधानी के कई अत्यंत महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को तीन विभिन्न मेट्रो लाइनों के बीच इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के प्रावधानों के तहत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को ट्रिपल इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जाएगा। दोनों स्टेशनों पर नए कनेक्शन पूरी तरह से भूमिगत होंगे। इससे मध्य दिल्ली के सरकारी कार्यालयों, व्यावसायिक केंद्रों के साथ ही अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचना यात्रियों के उद्देश्य से पहले से अधिक सुविधाजनक होने की संभावना है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के अनुसार, मजेंटा लाइन का विस्तार पूरा होने के बाद यह बॉटनिकल गार्डन से इंदरलोक तक लगभग 89 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बन जाएगा।
दिल्ली मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन दोनों स्टेशनों पर बनने वाले नए कनेक्शन यात्रियों को एक ही स्थान पर तीन मेट्रो कॉरिडोर के बीच ट्रेन बदलने की सुविधा देंगे। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन पर मजेंटा लाइन का संपर्क पहले से संचालित येलो लाइन और वॉयलेट लाइन से होगा। दूसरी ओर, नई दिल्ली स्टेशन पर मजेंटा लाइन येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से जुड़ेगी। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ मध्य दिल्ली के विभिन्न इलाकों में काम करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त इंटरचेंज विकल्प मिलेंगे।
मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद चार प्रमुख स्टेशनों पर ट्रिपल इंटरचेंज की सुविधा विकसित होगी। इनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, आजादपुर और इंदरलोक मेट्रो स्टेशन शामिल बताए गए हैं। आजादपुर स्टेशन पर वर्तमान में येलो और पिंक लाइन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि मजेंटा लाइन के जुड़ने से यहां तीसरी लाइन का विकल्प भी मिलेगा। इसी तरह इंदरलोक स्टेशन पर इस समय रेड और ग्रीन लाइन के बीच इंटरचेंज होता है। मजेंटा लाइन के विस्तार के बाद यहां भी यात्रियों को तीन लाइनों के बीच सफर बदलने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में कश्मीरी गेट दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का प्रमुख ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है, जहां रेड, येलो और वॉयलेट लाइनें आपस में जुड़ती हैं।
इस विस्तार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित कॉरिडोर भी है, जो सेंट्रल विस्टा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसे मेट्रो के फेज V-A के प्रावधानों के तहत मंजूरी दी गई है। इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 9.913 किलोमीटर होगी और इसमें नौ भूमिगत स्टेशन बनाए जाने की योजना है। पूरी तरह से शुरू होने के बाद मजेंटा लाइन बॉटनिकल गार्डन से इंदरलोक तक करीब 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी। इस कॉरिडोर पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे। खास बात यह है कि विस्तारित मजेंटा लाइन पर पूरी तरह से ड्राइवरलेस ट्रेनें संचालित करने की योजना है।
मजेंटा लाइन के विस्तारित नेटवर्क में दिल्ली मेट्रो की दो बड़ी इंजीनियरिंग उपलब्धियां भी शामिल होंगी। इनमें हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन होगा (ऊंचाई लगभग 28.36 मीटर), वहीं हौज खास मेट्रो स्टेशन लगभग 29 मीटर की गहराई के साथ सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन बना हुआ है।






