
CAPA National Seminar: आधुनिक तकनीकी नवाचारों से भारतीय कृषि को सशक्त बनाने पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पुरस्कार समारोह संपन्न
नई दिल्ली। भारतीय कृषि को आधुनिक तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सशक्त बनाने और किसानों तक वैज्ञानिक ज्ञान पहुंचाने के उद्देश्य से काउंसिल फॉर एकेडमिक एंड परफॉर्मेंस अप्रेज़ल (CAPA) की ओर से राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पुरस्कार समारोह-2026 का आयोजन किया गया। 11 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में कृषि, शिक्षा, शोध, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं तथा गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्वी दिल्ली नगर निगम (EDMC) के पूर्व महापौर बिपिन बिहारी सिंह उपस्थित रहे।
संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की भूमिका पर चर्चा करना तथा किसानों के हित में उपयोगी ज्ञान और वैज्ञानिक समाधानों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी विकास की संभावनाओं, शोध के महत्व और किसानों तक नई तकनीकों की पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। सभागार में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। वक्ताओं के विचारों और प्रस्तुतियों का श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र पाठक, डॉ. ओ. पी. झा, डॉ. संजय लाभ, डॉ. अमित कुमार, सीएस अनंत झा, आचार्य शुभेश शर्मन, इस्कॉन बेंगलुरु ग्रुप के प्रभु हरिनाम दास और डी ज्वेल्स के प्रवीण शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। उन्होंने आधुनिक तकनीकी नवाचारों की उपयोगिता और कृषि क्षेत्र में उनके संभावित प्रभाव पर चर्चा की। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि से संबंधित ज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी समाधानों को किसानों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है, ताकि खेती को अधिक प्रभावी बनाने और कृषि क्षेत्र की प्रगति को गति देने की दिशा में काम किया जा सके।
इस अवसर पर CAPA के संस्थापक अरविंद वत्स, सह-संस्थापक निर्मला वत्स, अध्यक्ष प्रोफेसर एवं इंजीनियर अनिल मिश्रा, उपाध्यक्ष सुधीर कुमार, ट्रस्टी शेषांक वत्स और सलाहकार सोनम ठाकुर सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने संगोष्ठी के उद्देश्य, ज्ञान के आदान-प्रदान और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को प्रोत्साहित करने के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन के माध्यम से शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर कृषि से जुड़े नवाचारों पर संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण CAPA पुरस्कार वितरण रहा। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुरस्कार विजेताओं को प्रमाणपत्र और स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कारों के माध्यम से उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देने के साथ अन्य लोगों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। सुयश मिश्रा ने गिटार पर भजन प्रस्तुत किए। उनके द्वारा प्रस्तुत ‘अच्युतम केशवम’, ‘कृष्ण दामोदरम’ और ‘जानकी वल्लभम’ जैसे भजनों ने कार्यक्रम के माहौल को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने संगीत प्रस्तुति का आनंद लिया। संगोष्ठी, पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम के मेल ने आयोजन को विशेष रूप दिया।
कार्यक्रम के समापन पर CAPA के संस्थापक अरविंद वत्स ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, पुरस्कार विजेताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया और आयोजन में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ यह कार्यक्रम आधुनिक तकनीकी नवाचारों, शैक्षणिक उपलब्धियों और कृषि क्षेत्र की प्रगति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श को आगे बढ़ाने की दिशा में CAPA की एक महत्वपूर्ण पहल रहा।






