
Karnaprayag Section 163: कर्णप्रयाग में 27 जून तक धारा 163 लागू, जुलूस-रैली और पांच से अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाया है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए परगना मजिस्ट्रेट कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 27 जून तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने जुलूस, रैली, धरना-प्रदर्शन और पांच से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर रोक लगा दी है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि 16 जून को निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आगामी 21 जून को निहंग सिख समुदाय की ओर से किए गए आह्वान और उससे जुड़ी संभावित गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि किसी भी प्रकार की बड़ी सभा या प्रदर्शन से क्षेत्र की कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन में भी बाधा आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं।
धारा 163 लागू होने के बाद परगना कर्णप्रयाग क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली, जनसभा और धरना-प्रदर्शन के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने सार्वजनिक आयोजनों में लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।
आदेश के तहत हथियारों और खतरनाक वस्तुओं के साथ चलने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने लाठी, तलवार, चाकू, भाला, आग्नेयास्त्र, पेट्रोल, डीजल, तेजाब, पटाखे और अन्य विस्फोटक सामग्री रखने या ले जाने पर रोक लगाई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। किसी व्यक्ति, समुदाय या धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण, आपत्तिजनक टिप्पणी या नारेबाजी करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इसके अलावा यातायात व्यवस्था को बाधित करना, एंबुलेंस, सरकारी वाहनों और सुरक्षा बलों की आवाजाही में रुकावट पैदा करना भी प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNSS)-2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वालों को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है।
प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। साथ ही लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा गया है। अधिकारियों ने आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए इसे सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा करने और स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित करने के निर्देश दिए हैं।






