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FCRA Violation: अरुणाचल की पर्यावरण कार्यकर्ता भानु तातक पर CBI ने दर्ज किया केस, विदेशी फंड लेने का आरोप

FCRA Violation: अरुणाचल की पर्यावरण कार्यकर्ता भानु तातक पर CBI ने दर्ज किया केस, विदेशी फंड लेने का आरोप

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अरुणाचल प्रदेश की वकील और पर्यावरण कार्यकर्ता भानु तातक के खिलाफ विदेशी फंड हासिल करने से जुड़े कथित उल्लंघनों को लेकर मामला दर्ज किया है। CBI का आरोप है कि भानु तातक ने अलग-अलग विदेशी संगठनों और व्यक्तियों से अपने निजी बैंक खाते में लाखों रुपये प्राप्त किए, जबकि इसके लिए Foreign Contribution Regulation Act यानी FCRA के तहत जरूरी पंजीकरण या पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। एजेंसी अब विदेशी फंड के स्रोत, उसके इस्तेमाल और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

भानु तातक अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं के विरोध से जुड़ी रही हैं। वह Siang Indigenous Farmers’ Forum की कानूनी सलाहकार और Dibang Resistance की समन्वयक हैं। ये संगठन राज्य में प्रस्तावित बड़ी बांध और हाइड्रोपावर परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इनमें सियांग नदी पर प्रस्तावित 12,500 मेगावाट की Siang Multipurpose Project और दिबांग नदी से जुड़ी 2,880 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।

CBI की FIR में आरोप लगाया गया है कि भानु तातक को 2022 से 2025 के बीच विभिन्न विदेशी संगठनों और व्यक्तियों से धन प्राप्त हुआ। एजेंसी के मुताबिक यह रकम सीधे उनके निजी सेविंग बैंक खाते में भेजी गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि विदेशी योगदान प्राप्त करने के लिए FCRA के तहत आवश्यक पंजीकरण या पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इसी आधार पर CBI ने मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की है।

CBI ने जिन विदेशी संस्थाओं का उल्लेख किया है, उनमें फिलीपींस स्थित Asia Indigenous Peoples Network on Extractive Industries and Energy और Indigenous Peoples Rights International के अलावा आयरलैंड और ब्रिटेन से जुड़े संगठनों के नाम भी शामिल हैं। एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि इन संस्थाओं से कितनी-कितनी रकम प्राप्त हुई, भुगतान किस उद्देश्य से किया गया और रकम का इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ।

जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि विदेशी स्रोतों से मिली रकम आधिकारिक वित्तीय रिकॉर्ड में दिखाई नहीं गई। CBI के मुताबिक भानु तातक की ओर से आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किए जाने का पहलू भी जांच में सामने आया है। अब बैंक खातों और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विदेश से प्राप्त रकम का वास्तविक उद्देश्य और इस्तेमाल क्या था।

CBI का आरोप है कि विदेशी फंड का इस्तेमाल अरुणाचल प्रदेश में बांध परियोजनाओं के खिलाफ चल रहे आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को आयोजित करने तथा जारी रखने में किया गया। एजेंसी ने अपनी FIR में दावा किया है कि इन गतिविधियों का देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। हालांकि ये CBI की ओर से लगाए गए आरोप हैं और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

दूसरी तरफ सियांग क्षेत्र में प्रस्तावित परियोजना का विरोध करने वाले संगठन लंबे समय से इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। Siang Indigenous Farmers’ Forum का कहना रहा है कि प्रस्तावित परियोजना से स्थानीय आदिवासी समुदाय और उनके पारंपरिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से विरोध और जन अभियान चलाए जाते रहे हैं।

भानु तातक इससे पहले भी उस समय चर्चा में आई थीं, जब सितंबर 2025 में उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर आयरलैंड जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया था। उनके खिलाफ अरुणाचल प्रदेश पुलिस की ओर से जारी Look Out Circular के आधार पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें यात्रा करने से रोका था। वह उस समय Dublin City University में तीन महीने के एक अकादमिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आयरलैंड जाने वाली थीं।

उस समय भानु तातक ने अपने खिलाफ यात्रा प्रतिबंध पर सवाल उठाए थे और इसे प्रशासनिक शक्तियों के मनमाने इस्तेमाल के रूप में बताया था। अब करीब एक साल बाद विदेशी फंडिंग से जुड़े कथित FCRA उल्लंघन को लेकर CBI की कार्रवाई ने एक बार फिर उनके मामले को चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल CBI विदेशी संस्थाओं से आए कथित फंड, बैंकिंग लेनदेन और रकम के इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि विदेशी योगदान प्राप्त करने और उसका इस्तेमाल करने के दौरान FCRA के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ या नहीं। मामले में CBI की ओर से लगाए गए आरोपों की कानूनी पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

 

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