
DUSU Election Results 2026: डूसू चुनाव में ABVP ने जीतीं तीन सीटें, यश डबास बने अध्यक्ष; उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव 2026 के नतीजे सामने आ गए हैं। केंद्रीय पैनल की चार प्रमुख सीटों में से तीन पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया है। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह विजयी रहे। NSUI को चारों प्रमुख पदों पर हार का सामना करना पड़ा।
अध्यक्ष पद पर ABVP उम्मीदवार यश डबास को 24,576 वोट मिले। उनके मुकाबले NSUI उम्मीदवार को 22,523 वोट मिले। इस तरह अध्यक्ष पद पर मुकाबला अपेक्षाकृत करीबी रहा। लेफ्ट उम्मीदवार को 5,377 और ASAP उम्मीदवार को 1,388 वोट मिले।
उपाध्यक्ष पद पर चुनाव का नतीजा सबसे अलग रहा। यहां किसी प्रमुख छात्र संगठन के उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। घोषित आंकड़ों के अनुसार दीपांशु को 30,615 वोट मिले। ABVP उम्मीदवार को 16,910, NSUI उम्मीदवार को 4,313 और लेफ्ट उम्मीदवार को 2,383 वोट मिले।
दीपांशु शौकीन की जीत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पहले NSUI से जुड़े रहे थे। उन्होंने संगठन से उपाध्यक्ष पद के लिए टिकट की उम्मीद की थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने नंगे पैर प्रचार किया था। दीपांशु दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय में बुद्धिस्ट स्टडीज की पढ़ाई कर रहे हैं।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 21,650 वोट मिले। इस पद पर NSUI उम्मीदवार को 14,869 वोट मिले, जबकि लेफ्ट उम्मीदवार को 8,734 और ASAP उम्मीदवार को 7,639 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सचिव पद पर भी ABVP ने बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की।
संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला काफी करीबी रहा। ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी SCS उम्मीदवार को 15,778 वोट मिले। NSUI उम्मीदवार को 15,206 और लेफ्ट उम्मीदवार को 5,837 वोट मिले। इस सीट पर जीत का अंतर बाकी कुछ पदों की तुलना में कम रहा।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान कराया गया था। विश्वविद्यालय के 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पिछले वर्ष मतदान प्रतिशत 39.45 रहा था। इस तरह इस बार मतदान में 1.01 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
19 सितंबर को मतगणना के दौरान शुरुआती दौर से ही अलग-अलग पदों पर मुकाबला देखने को मिला। मतगणना आगे बढ़ने के साथ तस्वीर स्पष्ट होती गई और आखिरकार चार में से तीन पद ABVP तथा एक पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया।
अध्यक्ष पद पर जीत के बाद यश डबास ने अपनी प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कॉलेजों, हॉस्टलों और पीजी की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर काम करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने सत्या निकेतन में हुई हालिया दुर्घटना का जिक्र करते हुए कॉलेज, हॉस्टल और पीजी के सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता बताई।
चुनाव परिणाम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों ने जश्न मनाया। ढोल-नगाड़ों के साथ समर्थकों ने जीत का उत्सव मनाया और अपने उम्मीदवारों के समर्थन में नारे लगाए। खासतौर पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन की जीत ने छात्र राजनीति में चर्चा पैदा की है, क्योंकि उन्होंने प्रमुख छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच उपाध्यक्ष पद हासिल किया।
ABVP के तीन उम्मीदवारों की जीत के बाद भाजपा के नेताओं ने भी संगठन के कार्यकर्ताओं और विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। दूसरी ओर NSUI के लिए इस बार केंद्रीय पैनल के किसी भी प्रमुख पद पर जीत नहीं मिली।
डूसू के नए केंद्रीय पैनल में अब अध्यक्ष यश डबास, उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन, सचिव रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव लक्ष्य राज सिंह होंगे। चुनाव परिणाम आने के बाद अब छात्र संघ के सामने विश्वविद्यालय परिसर, छात्र सुविधाओं, हॉस्टल-पीजी सुरक्षा, शिक्षा और विद्यार्थियों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी।






