
Ramdev Controversy: अयोध्या में बाबा रामदेव पर बरसे बृजभूषण शरण सिंह, मिलावट को लेकर लगाए गंभीर आरोप
अयोध्या। कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने रामदेव पर तीखा हमला करते हुए उन्हें मिलावट करने वालों का ‘सरगना’ बताया। उनका यह बयान पतंजलि की ओर से उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले को लेकर सामने आया है। हालांकि रामदेव और पतंजलि से जुड़े उत्पादों को लेकर लगाए गए ये आरोप बृजभूषण शरण सिंह के दावे हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि यह पूरा विवाद वर्ष 2022 में दिए गए उनके एक बयान से जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक वह उस समय एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने लोगों से गाय पालने, अपनी सब्जियां उगाने और अपने घर में ही दूध तथा घी तैयार करने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने रामदेव और उनके घी को लेकर टिप्पणी की थी।
पूर्व सांसद के अनुसार उनके उस बयान के अगले दिन आचार्य बालकृष्ण ने उन्हें फोन किया था। बृजभूषण ने दावा किया कि उन्होंने बातचीत के दौरान घी तैयार करने की लागत को लेकर सवाल पूछा था। उन्होंने कहा कि यदि करीब 30 किलो गाय के दूध से एक किलो घी तैयार होता है और दूध की कीमत 30 रुपये प्रति किलो मानी जाए तो केवल दूध की लागत ही लगभग 900 रुपये बैठती है। ऐसे में उन्होंने सवाल उठाया कि जिस उत्पाद को तैयार करने की लागत इतनी हो, उसे करीब 500 रुपये में कैसे बेचा जा सकता है।
बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि उन्हें इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने इसी आधार पर अपने पुराने बयान का जिक्र करते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज बाजार में घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या है और सरकार को देर-सवेर इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाना चाहिए।
पतंजलि की ओर से उनके खिलाफ किए गए मानहानि के दावे पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस कानूनी कार्रवाई से उन्हें प्रचार ही मिल रहा है। उन्होंने रामदेव को लेकर आरोप लगाया कि वह मिलावट करने वालों के ‘सरगना’ हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह मिलावट के लिए अकेले रामदेव को जिम्मेदार नहीं मानते। उनके अनुसार खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा व्यापक है और इस पर गंभीर कार्रवाई की जरूरत है।
इस विवाद के केंद्र में पतंजलि के घी को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की पुरानी टिप्पणियां हैं। पतंजलि फूड्स की ओर से उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मामला दायर किए जाने की खबर है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी इस मामले को लेकर कानूनी कार्यवाही चल रही है। हाल में हुई सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता पेश हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था।
बृजभूषण शरण सिंह इससे पहले भी मानहानि मामले को लेकर कड़ा रुख जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि यदि इस मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा तो वह जमानत नहीं कराएंगे। उनका तर्क है कि इस विवाद के जरिए कम से कम खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट के मुद्दे पर देश में चर्चा और जागरूकता बढ़ेगी।
पूर्व सांसद ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने खान-पान की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने सरकार से खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने की मांग की।
बृजभूषण शरण सिंह के ताजा बयान के बाद रामदेव और पतंजलि के साथ उनका पुराना विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला अब केवल सार्वजनिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि अदालत में भी पहुंच चुका है। ऐसे में दोनों पक्षों के दावों और मानहानि मामले पर आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही पर नजर रहेगी।






