
CEC Gyanesh Kumar: SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के तीन और दौरे स्थगित, छत्तीसगढ़ यात्रा भी टली; इससे पहले यूपी और पहाड़ी राज्यों के कार्यक्रम भी टल चुके हैं
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दौरों और कार्यक्रमों के टलने का सिलसिला थम नहीं रहा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अब उनका दो दिन का छत्तीसगढ़ दौरा भी स्थगित कर दिया गया है। यह यात्रा 7 और 8 अक्टूबर को होनी थी। इसके पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रम तथा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख से जुड़े कुछ आयोजन भी टाले जा चुके हैं।
कार्यक्रम के मुताबिक ज्ञानेश कुमार को 7 और 8 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ जाना था, जहां वे दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी माता मंदिर, बस्तर के चित्रकोट जलप्रपात और कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर जाने वाले थे। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि यह दौरा अपरिहार्य कारणों से स्थगित हुआ है। नई तारीख अभी तय नहीं है और संशोधित कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार को राज्य अतिथि का दर्जा दिया था। रायपुर प्रशासन, पुलिस और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट प्रशासन ने स्वागत और सुरक्षा की तैयारियां शुरू भी कर दी थीं, जिन्हें दौरा टलने के बाद रोक दिया गया।
दौरा स्थगित होने की खबर ऐसे समय आई है जब दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में SIR के खिलाफ विपक्षी दल और नागरिक समूह प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित INDIA ब्लॉक के कई नेता मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता है और अपनी प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप बताता है।
इससे पहले सितंबर में ज्ञानेश कुमार के उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी के कार्यक्रम टाले गए थे। मेरठ में उन्हें Electoral Literacy Clubs और ECINET से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होना था, जबकि वाराणसी में युवाओं से संवाद प्रस्तावित था। चुनाव आयोग ने तब कहा था कि तारीखों में बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके पीछे आयोजन स्थल की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों की व्यस्तता, मौसम और स्थानीय हालात जैसे कारण हो सकते हैं।
मेरठ-वाराणसी के बाद हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख के कार्यक्रम भी स्थगित हुए। आयोग ने अलग-अलग मौकों पर इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों, पर्यटन सीजन, परीक्षाओं और अन्य प्रशासनिक वजहों का हवाला दिया। उत्तराखंड में युवा संवाद SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद कराने की बात सामने आई थी, जबकि लद्दाख का कार्यक्रम वहां के हालात के कारण टाला गया।
इन स्थगनों पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस और अन्य दल इन्हें SIR विवाद और चुनाव आयोग पर बने राजनीतिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं आयोग के अधिकारी पहले साफ कर चुके हैं कि कार्यक्रम टलने का SIR विवाद से सीधा संबंध नहीं है।
SIR का विवाद तब और भड़का जब चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक मतभेदों की खबरें आईं। रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच सवाल उठे थे। इसके बाद आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े अपने सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने की जानकारी दी।
आयोग का कहना है कि मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया तय कानूनी नियमों के तहत होती है और स्थानीय स्तर पर सत्यापन किया जाता है। उसके मुताबिक किसी पात्र मतदाता को बिना उचित प्रक्रिया के हटाने का कोई मकसद नहीं है।
SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन दिल्ली में भी लगातार तेज हो रहा है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को बीते दिनों प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग से मिलकर SIR पर जवाब मांगा है, और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा भी है।
इसी बीच मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा बढ़ाई गई है। ताजा खुफिया इनपुट और दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों को देखते हुए उनके आवास के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। ज्ञानेश कुमार को पहले से Z-प्लस सुरक्षा मिली हुई है। गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां मुहैया कराने का फैसला भी किया है।
मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका दायर हुई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अंतरिम निलंबन की मांग पर फौरन आदेश देने से इनकार करते हुए केंद्र और चुनाव आयोग समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था।
इन सबके बीच ज्ञानेश कुमार के लगातार टलते कार्यक्रम राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। आयोग इसके पीछे प्रशासनिक और परिस्थितिजन्य कारण बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे मौजूदा SIR विवाद की पृष्ठभूमि में देख रहा है। फिलहाल छत्तीसगढ़ दौरे की नई तारीख घोषित नहीं हुई है, और बाकी स्थगित कार्यक्रम कब होंगे, यह देखना बाकी है।






