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TB Free India Campaign: पटपड़गंज के टीबी अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, हर साल 5 हजार से ज्यादा मरीजों का इलाज

TB Free India Campaign: पटपड़गंज के टीबी अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम, हर साल 5 हजार से अधिक मरीजों को मिलता है इलाज

नई दिल्ली: टीबी (ट्यूबरकुलोसिस) को जड़ से खत्म करने के लक्ष्य के साथ चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत देशभर में जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी टीबी अस्पताल में भी एक कार्यक्रम हुआ। इसमें देशव्यापी अभियान से जुड़े आयोजन का लाइव प्रसारण दिखाया गया, जिसे अस्पताल के अधिकारियों और अन्य लोगों ने देखा।

इस अभियान का मकसद लोगों को टीबी के लक्षणों, बचाव के तरीकों और समय पर जांच व इलाज के बारे में जागरूक करना है। संदेश साफ है कि लक्षण नजर आते ही जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार कोर्स पूरा करना बेहद जरूरी है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी टीबी अस्पताल में हर साल पांच हजार से ज्यादा टीबी मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इलाज के साथ-साथ मरीजों को बीमारी के बारे में जानकारी देने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है, ताकि वे बचाव और समय पर उपचार का महत्व समझ सकें।

जागरूकता फैलाने में NCC कैडेट्स भी अपना योगदान दे रहे हैं। कैडेट्स घर-घर जाकर लोगों को टीबी के लक्षण, रोकथाम और जांच-उपचार की जानकारी दे रहे हैं, जिससे सीधे जनता तक पहुंचकर अभियान को मजबूती मिल रही है।

पूर्वी दिल्ली में मरीजों को दवा के लिए बार-बार दूर न जाना पड़े, इसके लिए अस्पताल के अंतर्गत नौ DOT केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों से मरीजों को घर के पास ही टीबी की दवाइयां मिल जाती हैं, जिससे उनके लिए नियमित इलाज जारी रखना आसान हुआ है।

अस्पताल की DTO कम CMO इंचार्ज डॉ. मधु छंदा पाणि के मुताबिक अभियान की कामयाबी के लिए जागरूकता के साथ-साथ मरीजों तक इलाज की सुविधा पहुंचाना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि नौ DOT केंद्रों के जरिए घर के नजदीक दवा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि मरीज बिना किसी दिक्कत के अपना इलाज लगातार जारी रख सकें।

टीबी के खिलाफ इस मुहिम में समय पर जांच, नियमित इलाज और लोगों की सहभागिता को सबसे अहम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि टीबी के संभावित लक्षणों को हल्के में न लें और जरूरत पड़ने पर जांच व चिकित्सकीय इलाज जरूर कराएं। पटपड़गंज के इस अस्पताल में चल रहे जागरूकता और उपचार के प्रयास इसी बड़े अभियान का हिस्सा हैं।

 

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