
Fake Currency: रोहिणी में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 10.50 लाख के जाली नोटों के साथ 4 गिरफ्तार
दिल्ली की रोहिणी पुलिस ने नकली भारतीय करेंसी तैयार कर उसे अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से करीब 10.50 लाख रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए गए हैं, जिनमें 500 रुपये के करीब 21 बंडल शामिल हैं।
पुलिस ने तलाशी के दौरान नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी जब्त किया है। बरामद सामग्री में दो कलर प्रिंटर, पेपर कटिंग मशीन, लैपटॉप, नोट गिनने की मशीन और प्रिंटिंग से जुड़ी अन्य चीजें शामिल हैं। अब जांच का फोकस गिरोह की गतिविधियों की अवधि और जाली नोटों की सप्लाई के संभावित ठिकानों पर है।
जापानी पार्क के पास की गई कार्रवाई में पुलिस ने पुष्कर राज पुरबिया उर्फ डॉक्टर, गोसाई राम और साहिल खरब को पकड़ा। पूछताछ और तकनीकी निगरानी के आधार पर मामले में शामिल बताए जा रहे चौथे आरोपी नरेंद्र कुमार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोनीपत में किराये की जगह लेकर नकली नोट तैयार करते थे। इसके बाद इन्हें अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट बनाने की सामग्री कहां से लाई जाती थी और तैयार नोटों को आगे किस नेटवर्क के जरिए भेजा जाता था।
जांच एजेंसियां अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा इस कथित नेटवर्क में दूसरे लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसी कारण संभावित सहयोगियों और सप्लाई चैन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने बरामद नकली नोटों और प्रिंटिंग उपकरणों को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल गिरोह के काम करने के तरीके, उसके नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।






