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Swachhata Hi Seva: निर्मला सीतारमण ने लोधी कॉलोनी में ‘भारत वन’ का किया उद्घाटन, NDMC ने 14 सर्किलों में शुरू किया व्यापक स्वच्छता और पौधरोपण अभियान

Swachhata Hi Seva: निर्मला सीतारमण ने लोधी कॉलोनी में ‘भारत वन’ का किया उद्घाटन, NDMC ने 14 सर्किलों में शुरू किया व्यापक स्वच्छता और पौधरोपण अभियान

नई दिल्ली। राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् (NDMC) ने राजधानी में स्वच्छता, हरियाली, स्वास्थ्य और जनभागीदारी से जुड़ी कई गतिविधियों की शुरुआत की है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोधी कॉलोनी में मियावाकी पद्धति से विकसित किए जाने वाले ‘भारत वन’ का उद्घाटन किया। वहीं NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने परिषद् के सभी 14 सर्किलों में व्यापक पौधरोपण और स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान 28 स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करने के साथ रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य गतिविधियां, सब-वे और अंडरपास की गहन सफाई तथा विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के सम्मान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के पहले दिन लोधी कॉलोनी पार्क में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल और CSR फंड के माध्यम से सहयोग करने वाली संस्था IIFCL के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पौधरोपण कर ‘भारत वन’ की शुरुआत की।

‘भारत वन’ को मियावाकी तकनीक से विकसित किया जाएगा। इस पद्धति में सीमित क्षेत्र में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को सघन रूप से लगाकर अपेक्षाकृत कम समय में घना हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रयास किया जाता है। NDMC के अनुसार, इस तकनीक के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में भी तेजी से हरित आवरण विकसित किया जा सकता है, जहां भूमि का पहले कृषि, निर्माण या दूसरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया हो।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए लोधी कॉलोनी में पौधरोपण के जरिए मियावाकी वन विकसित करने की दिशा में पहल की गई है। उन्होंने बताया कि डॉ. आर.के. नायर के सहयोग और मार्गदर्शन में स्थानीय पर्यावरण के अनुकूल फलदार और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाकर सघन शहरी वन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

वित्त मंत्री के मुताबिक, उपयुक्त परिस्थितियों में मियावाकी तकनीक से पौधों की वृद्धि तेजी से हो सकती है और करीब एक वर्ष में पौधे 10 से 12 फीट तक की ऊंचाई हासिल कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरी तरह विकसित होने के बाद यह क्षेत्र स्थानीय निवासियों के लिए सुबह-शाम की सैर, योग, ध्यान और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने से स्थानीय पर्यावरण को फायदा मिलने के साथ क्षेत्र की सुंदरता और जीवन-गुणवत्ता में भी सुधार होगा। NDMC का मानना है कि यह परियोजना स्वच्छ वायु, जैव-विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाने की दिशा में योगदान देगी।

NDMC उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि ‘भारत वन’ में मियावाकी पद्धति से 10 हजार देशज पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे लोधी कॉलोनी में एक सघन हरित क्षेत्र विकसित होगा और पौधों एवं पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ शहरी जैव-विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसी क्रम में NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने नेहरू पार्क में चंपा का पौधा लगाकर परिषद् क्षेत्र के सभी 14 सर्किलों में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले एक महीने के अभियान के दौरान स्वच्छता और नागरिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

NDMC अध्यक्ष ने बताया कि अभियान के पहले दिन सभी 14 सर्किलों में 760 वृक्षों के साथ 5 हजार से अधिक पौधे और झाड़ियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना अभियान का पहला चरण है, लेकिन उनका संरक्षण और नियमित देखभाल अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने पौधरोपण करने वाले लोगों से अपने लगाए पौधों को अपनाने और उनकी जिम्मेदारी लेने की अपील की।

मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि स्वच्छता अभियान को केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। NDMC क्षेत्र की बाई-लेन, बैक-लेन, गलियों और उप-गलियों तक सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि BRICS सम्मेलन के दौरान किए गए रात्रिकालीन स्वच्छता अभियान के प्रयोग के बाद अब इस व्यवस्था का व्यापक स्तर पर विस्तार किया जा रहा है।

NDMC अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालय सुविधाओं को अपनाने और उनकी स्वच्छता, रखरखाव तथा अन्य व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। परिषद् का उद्देश्य जनभागीदारी के जरिए स्वच्छता को नियमित नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।

इससे पहले चिल्ड्रेन पार्क, इंडिया गेट में भी पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह, पूंजी विकास विभाग की सचिव डी. थारा और भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक कुमार मीणा ने भाग लिया।

अभियान के दौरान ऐतिहासिक वाल्मीकि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर कर्मचारी सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। NDMC परिषद् सदस्य अनिल वाल्मीकि के मुताबिक, कार्यक्रम में निकट भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ 28 स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित किया गया। मुख्य अभियंता विद्युत को भी सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद् सदस्य दिनेश प्रताप सिंह और सरिता तोमर तथा सचिव राहुल सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सफाई व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों के कार्य को पहचान देना और उनका मनोबल बढ़ाना था।

स्वच्छता ही सेवा अभियान को सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा से जोड़ते हुए NDMC ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से मोती बाग स्थित चरक पालिका अस्पताल में रक्तदान शिविर भी आयोजित किया। NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी और सचिव राहुल सिंह ने स्वयं रक्तदान किया तथा लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।

इसके अलावा NDMC कन्वेंशन सेंटर, जय सिंह रोड में हिंदी पखवाड़ा-2026 के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। NDMC अध्यक्ष ने 54 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। हिंदी पखवाड़े के दौरान निबंध लेखन, कविता और वाद-विवाद सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिनमें परिषद् के विभिन्न विभागों के एक हजार से अधिक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

NDMC ने अटल आदर्श विद्यालय, मंदिर मार्ग में विशेष ‘स्वच्छता संवाद एवं पुरस्कार वितरण समारोह’ भी आयोजित किया। इसमें स्वच्छता कर्मियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता से जुड़ी पहलों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विचार और व्यावहारिक सुझाव साझा किए गए। विद्यार्थियों ने रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से ‘स्वच्छ विद्यालय-सशक्त समाज’ का संदेश भी दिया।

स्वच्छता अभियान के तहत यशवंत प्लेस मार्केट और आसपास के अंडरपास एवं सब-वे में भी व्यापक गहन सफाई और कायाकल्प अभियान शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत वेट वॉशिंग, जमा गंदगी और दाग-धब्बों को हटाने, मरम्मत एवं रखरखाव, अतिक्रमण हटाने और प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने जैसे काम किए जा रहे हैं।

NDMC के मुताबिक, पूरे एक महीने तक चलने वाले अभियान में स्वच्छता के साथ हरित क्षेत्र बढ़ाने, जन स्वास्थ्य, कर्मचारियों के सम्मान और नागरिक भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। परिषद् का लक्ष्य स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और अन्य नागरिकों की भागीदारी से नई दिल्ली को अधिक स्वच्छ, हरित, सुरक्षित और टिकाऊ शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

 

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