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NDMC Advisory: वाल्मीकि सदन के 145 क्वार्टर असुरक्षित घोषित, निवासियों को जल्द खाली करने की सलाह

NDMC Advisory: वाल्मीकि सदन के 145 क्वार्टर असुरक्षित घोषित, निवासियों को जल्द खाली करने की सलाह

नई दिल्ली। राजधानी में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने वाल्मीकि सदन के 145 टाइप-I सरकारी क्वार्टरों को खाली करने की एडवाइजरी जारी की है। ये क्वार्टर आठ आवासीय ब्लॉकों में स्थित हैं। NDMC के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कराए गए संरचनात्मक मूल्यांकन में संबंधित इमारतों को रहने के लिए असुरक्षित पाया गया है। तकनीकी जांच में इन भवनों की स्थिति ऐसी बताई गई है कि उनकी मरम्मत कराना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है। संभावित खतरे को देखते हुए NDMC ने यहां रहने वाले लोगों से जल्द से जल्द क्वार्टर खाली करने और निकासी प्रक्रिया में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

NDMC के मुताबिक यह फैसला नगरपालिका आवास विभाग की ओर से जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। वाल्मीकि सदन में मौजूद इन आवासीय इमारतों का सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने विस्तृत स्ट्रक्चरल असेसमेंट किया था। जांच में इमारतों की मौजूदा संरचनात्मक स्थिति का आकलन करने के बाद उन्हें आवासीय उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं माना गया। इसके बाद एहतियात के तौर पर इन क्वार्टरों में रहने वाले लोगों को परिसर खाली करने की सलाह जारी की गई।

प्रभावित इमारतों में अलग-अलग समय पर बनाए गए कुल आठ आवासीय ब्लॉक शामिल हैं। इनमें चार ब्लॉक वर्ष 1965-66 के दौरान बनाए गए थे और ये तीन मंजिला हैं। इन पुराने ब्लॉकों में G-25 से G-51, F-25 से F-51 और S-25 से S-51 तक के क्वार्टर शामिल बताए गए हैं। इन तीन मंजिला ब्लॉकों में कुल 81 टाइप-I क्वार्टर मौजूद हैं। करीब छह दशक पुराने इन भवनों की संरचनात्मक स्थिति को लेकर तकनीकी मूल्यांकन के बाद इन्हें खाली कराने की आवश्यकता सामने आई है।

इसके अलावा वाल्मीकि सदन में चार अन्य आवासीय ब्लॉक वर्ष 1985-86 के दौरान बनाए गए थे। ये इमारतें चार मंजिला हैं और इनमें ब्लॉक संख्या 1 से 64 तक कुल 64 क्वार्टर शामिल हैं। इस तरह दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 145 क्वार्टरों को NDMC की एडवाइजरी के दायरे में रखा गया है। परिषद का कहना है कि इन इमारतों की बिगड़ती संरचनात्मक स्थिति के कारण इनमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर जोखिम बना हुआ है।

NDMC ने स्पष्ट किया है कि संबंधित इमारतों को खाली कराने की सलाह किसी सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई के तहत नहीं बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर दी गई है। स्ट्रक्चरल असेसमेंट में इमारतों को असुरक्षित पाए जाने के बाद परिषद ने निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना जरूरी है।

परिषद ने प्रभावित क्वार्टरों में रहने वाले सभी लोगों से जल्द से जल्द परिसर खाली करने की अपील की है। इसके साथ ही निवासियों से कहा गया है कि वे निकासी प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें, ताकि कार्रवाई व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके। NDMC का कहना है कि प्रशासन की कोशिश संभावित जोखिम को कम करना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

NDMC ने अपनी एडवाइजरी में इस बात पर विशेष जोर दिया है कि निवासियों की सुरक्षा और उनका कल्याण परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जिन इमारतों की संरचनात्मक स्थिति लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकती है, उनके संबंध में तकनीकी आकलन के आधार पर निर्णय लिए जाने की बात कही गई है।

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि NDMC के तकनीकी मूल्यांकन में संबंधित भवनों को केवल मरम्मत की आवश्यकता वाली इमारतें नहीं माना गया, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मरम्मत योग्य नहीं पाया गया है। यानी तकनीकी आकलन के मुताबिक इन इमारतों की मरम्मत पर होने वाला खर्च और उनकी मौजूदा स्थिति ऐसी है कि मरम्मत को व्यावहारिक विकल्प नहीं माना गया। इसी वजह से फिलहाल निवासियों को वहां से हटाना सबसे जरूरी कदम माना गया है।

हाल के दिनों में दिल्ली में पुरानी, जर्जर और संरचनात्मक रूप से कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में वाल्मीकि सदन के 145 क्वार्टरों को लेकर NDMC की एडवाइजरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परिषद ने संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है।

हालांकि एडवाइजरी में प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की विस्तृत व्यवस्था का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में इन 145 क्वार्टरों में रहने वाले लोगों को कहां स्थानांतरित किया जाएगा और आगे इन इमारतों को लेकर क्या फैसला होगा, इस पर प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। फिलहाल NDMC का मुख्य जोर असुरक्षित घोषित इमारतों को खाली कराने और उनमें रहने वाले लोगों को संभावित खतरे से दूर करने पर है।

परिषद ने सभी प्रभावित निवासियों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि समय पर कार्रवाई से किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सकता है। तकनीकी आकलन और सुरक्षा मानकों के मुताबिक आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 145 क्वार्टरों को खाली कराने की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और इन भवनों तथा यहां रहने वाले परिवारों के लिए NDMC आगे क्या व्यवस्था करता है।

 

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