
NDMC Chairman Manoj Kumar Dwivedi: IIT दिल्ली के पूर्व छात्र मनोज कुमार द्विवेदी ने संभाला एनडीएमसी अध्यक्ष का पद, नागरिक सेवाओं को मजबूत बनाने पर दिया जोर
नई दिल्ली। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1997 बैच के एजीएमयूटी कैडर के वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार द्विवेदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने परिषद के सभी विभागाध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, प्रमुख परियोजनाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नागरिक-केंद्रित प्रशासन, प्रभावी सेवा वितरण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया।
मनोज कुमार द्विवेदी ने केशव चंद्रा का स्थान लिया है, जिन्हें भारत सरकार के कोयला मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। केशव चंद्रा ने नवंबर 2024 से जुलाई 2026 तक एनडीएमसी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में शहरी प्रशासन, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, स्वच्छता, डिजिटल परिवर्तन और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गईं।
एनडीएमसी अध्यक्ष बनने से पहले मनोज कुमार द्विवेदी भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में अपर सचिव (स्थापना) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग में अपर सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुरोध पर उन्हें केंद्र से उनके मूल एजीएमयूटी कैडर में वापस भेजा गया।
9 जुलाई 1972 को जन्मे मनोज कुमार द्विवेदी ने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. की डिग्री हासिल की है। वे “Decode Life” पुस्तक के लेखक भी हैं, जिसमें जीवन की संभावनाओं और व्यक्तिगत विकास को लेकर मार्गदर्शन दिया गया है।
करीब तीन दशक लंबे प्रशासनिक करियर में उन्होंने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर कैडर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे विभिन्न जिलों में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), प्रधान सचिव, आयुक्त एवं सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के प्रधान सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा लेह, राजौरी और जम्मू के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) जैसे अहम पदों पर कार्य कर चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रशासनिक संक्रमण काल के दौरान भी उन्होंने संस्थागत और प्रशासनिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोक प्रशासन, संस्थागत सुधार, कार्मिक प्रबंधन और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में एनडीएमसी स्मार्ट प्रशासन, बेहतर नागरिक सेवाओं और सतत शहरी विकास की दिशा में नई गति हासिल करेगा।






