
NDMC: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने एनडीएमसी की स्वच्छता सेवाओं की समीक्षा की, शून्य मैनुअल स्कैवेंजिंग और सफाई कर्मचारियों के कल्याण पर दिया जोर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) की स्वच्छता सेवाओं, सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा श्रम कानूनों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राजधानी में शून्य मैनुअल स्कैवेंजिंग, सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा और सामाजिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आयोग ने सभी संबंधित विभागों, आउटसोर्स एजेंसियों और ठेकेदारों को श्रमिक कल्याण से जुड़े सभी कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नई दिल्ली के जय सिंह रोड स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री कर्म सिंह कर्मा ने की। बैठक में एनडीएमसी के सचिव राहुल सिंह, मुख्य अभियंता, विभिन्न विभागों के निदेशक, स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक, वरिष्ठ अधिकारी, सफाई कर्मचारी यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ आउटसोर्स एजेंसियों, ठेकेदारों और विभिन्न स्वच्छता सर्किलों के सफाई कर्मचारी भी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री कर्म सिंह कर्मा ने कहा कि सफाई कर्मचारी किसी भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि जब अधिकांश लोग अपने घरों में होते हैं, तब सफाई कर्मचारी सुबह-सुबह अपने कार्यस्थलों पर पहुंचकर सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और मोहल्लों को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का कार्य करते हैं। उनका समर्पण शहरी जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और वे सम्मान, सुरक्षा तथा बेहतर कार्य परिस्थितियों के पूर्ण अधिकारी हैं।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियनों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से विस्तार से बातचीत की गई, जिसमें कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को आयोग के समक्ष रखा। आयोग ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए एनडीएमसी प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की न्यायसंगत मांगों के समाधान के लिए ईमानदारी और प्राथमिकता के साथ प्रयास किए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में एनडीएमसी क्षेत्र में संचालित स्वच्छता सेवाओं की वर्तमान व्यवस्था का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान मैनुअल स्कैवेंजिंग और जोखिमपूर्ण सफाई कार्यों के पूर्ण उन्मूलन, यंत्रीकृत सफाई प्रणाली को बढ़ावा देने, सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, नियमित नियुक्तियों को प्रोत्साहित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा श्रम कानूनों और सामाजिक सुरक्षा संबंधी सभी वैधानिक प्रावधानों के कड़ाई से पालन पर विस्तार से चर्चा हुई।
आयोग ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता सेवाओं से जुड़ी सभी आउटसोर्स एजेंसियां और ठेकेदार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए निर्धारित सभी नियमों का पालन करें। एजेंसियों को अनुबंध संबंधी दस्तावेज, कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ.) तथा अन्य वैधानिक अभिलेख नियमित रूप से उपलब्ध कराने और उन्हें अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी कर्मचारी को कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान जन स्वास्थ्य, स्वच्छता, सीवर एवं नालों के रखरखाव, अभियांत्रिकी कार्यों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कर्मचारी कल्याण, स्थापना, अनुबंध प्रबंधन तथा श्रम कानूनों के अनुपालन से जुड़े विभागों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों ने आयोग के समक्ष अपनी अद्यतन स्थिति रिपोर्ट और आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत किए, जिन पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर विचार किया गया।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य ने कहा कि राजधानी में विश्वस्तरीय स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों, एजेंसियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी निगरानी प्रणाली और कर्मचारी हितैषी योजनाओं के माध्यम से ही स्वच्छता सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि प्रत्येक सफाई कर्मचारी की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी सरकारी संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में इस बात को भी रेखांकित किया गया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और एनडीएमसी मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसमें आधुनिक स्वच्छता प्रबंधन प्रणाली के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, कल्याण और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से राजधानी में स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित और समावेशी शहरी वातावरण को और अधिक मजबूती मिलेगी।






