
NDMC Anupam Colony: सांगली अपार्टमेंट्स को मिला “अनुपम कॉलोनी” प्रमाणन, शून्य-अपशिष्ट मॉडल के रूप में बनी मिसाल
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कोपरनिकस मार्ग स्थित सांगली अपार्टमेंट्स को “अनुपम कॉलोनी” के रूप में प्रमाणित किया है। एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा ने सोमवार को शिलापट्ट का अनावरण कर सांगली अपार्टमेंट्स को यह सम्मान प्रदान किया। इसके साथ ही यह कॉलोनी एनडीएमसी क्षेत्र की आठवीं “अनुपम कॉलोनी” बन गई है।
इस अवसर पर एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा ने कहा कि सांगली अपार्टमेंट्स के निवासियों ने अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में पांच अलग-अलग श्रेणियों के कचरे के लिए पृथक डिब्बों की व्यवस्था की गई है, जिससे सूखा, गीला, सैनिटरी, उद्यानिकी और ई-वेस्ट सहित विभिन्न प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। इसके अलावा घरेलू खतरनाक अपशिष्ट के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि सांगली अपार्टमेंट्स के निवासियों की सक्रिय भागीदारी के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है। यहां कचरे के स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिल रहा है और लैंडफिल पर निर्भरता कम हो रही है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है बल्कि अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल साबित हो रही है।
एनडीएमसी अध्यक्ष ने बताया कि “अनुपम कॉलोनी” प्रमाणन उन कॉलोनियों को दिया जाता है जो 100 प्रतिशत स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करती हैं और स्थानीय स्तर पर उसके वैज्ञानिक प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करती हैं। इससे परिपत्र अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) को बढ़ावा मिलता है और सतत शहरी विकास के लक्ष्य को मजबूती मिलती है।
सांगली अपार्टमेंट्स में गीले कचरे की स्थानीय स्तर पर कम्पोस्टिंग की जा रही है, जबकि सूखे कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन के लिए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) स्थापित की गई है। इसके अतिरिक्त ‘रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल’ (आरआरआर) केंद्र और ‘नेकी की दीवार’ जैसी पहलें भी संचालित की जा रही हैं, जिससे संसाधनों के पुनः उपयोग को प्रोत्साहन मिल रहा है।
सांगली अपार्टमेंट्स के अध्यक्ष एयर कमोडोर उमेश पी. नगराले ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षा अधिकारियों की आवासीय कॉलोनियों में यह पहला परिसर है जिसे “अनुपम कॉलोनी” का दर्जा मिला है। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के निवासी लंबे समय से स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहे हैं और अब वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के लागू होने से इन प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में एनडीएमसी की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शकुंतला श्रीवास्तव, सांगली अपार्टमेंट्स के सचिव विंग कमांडर अमिताभ रंजन, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कर्मचारी तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
एनडीएमसी के अनुसार “अनुपम कॉलोनी” पहल का उद्देश्य आवासीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ और पर्यावरण-सचेत समुदायों में बदलना है। सांगली अपार्टमेंट्स के शामिल होने के साथ अब तक चाणक्यपुरी, भारती नगर, आराधना, बापू धाम, न्यू मोती बाग, काका नगर, जोर बाग और सांगली अपार्टमेंट्स को यह प्रमाणन प्रदान किया जा चुका है। एनडीएमसी ने नागरिकों और आरडब्ल्यूए से अपील की है कि वे सतत अपशिष्ट प्रबंधन अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर स्वच्छ और हरित राजधानी के निर्माण में सहयोग करें।






