
Guru Randhawa Gym Firing: गुरु रंधावा के जिम पर फायरिंग मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो गुर्गे गिरफ्तार
नई दिल्ली। पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के जिम पर हुई सनसनीखेज फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो सक्रिय गुर्गों अमन और तुषार को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपियों ने वारदात से पहले जिम की रेकी की थी और फायरिंग के दौरान घटनास्थल पर मौजूद थे। हालांकि गोली चलाने वाले मुख्य शूटर अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार 11 जून 2026 की सुबह दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में स्थित पुष्कर एन्क्लेव के 24 आवर्स फिटनेस जिम पर बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई थी। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में जुटी थीं। इसी क्रम में पुलिस ने अमन और तुषार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने हमले से पहले कई दिनों तक जिम की गतिविधियों पर नजर रखी थी और पूरी रेकी के बाद हमले की योजना को अंजाम देने में सहयोग किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग के दौरान भी दोनों आरोपी घटनास्थल के आसपास मौजूद थे और हमलावरों को जरूरी जानकारी उपलब्ध करा रहे थे। हालांकि जिम पर गोलियां चलाने वाले मुख्य शूटर अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और आसपास के राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है।
फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से गुरु रंधावा की नजदीकियों के कारण यह हमला किया गया है। ऑडियो में इसे सिर्फ एक चेतावनी बताया गया था। हालांकि पुलिस इस वायरल ऑडियो की भी जांच कर रही है और इसके स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही फरार शूटरों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे मौजूद साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे मामले के कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और गैंग की गतिविधियों के बारे में अहम जानकारी मिली है।






