
Shubham Pandit Gang: शुभम पंडित गैंग का पर्दाफाश, हथियार और 11 लाख रुपये के साथ चार बदमाश गिरफ्तार
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने कापसहेड़ा इलाके में हुई लूट की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए कुख्यात शुभम पंडित गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 लाख रुपये नकद, तीन पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गैंग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय था तथा कई संगीन आपराधिक मामलों में इसकी संलिप्तता सामने आई है।
इस संबंध में दक्षिण-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अभिमन्यु पोसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने हाल ही में दो बड़े ज्वेलर्स को निशाना बनाकर गंभीर आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था। घटना के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में फरार हो गए थे और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी वसंत कुंज वेद प्रकाश के निर्देशन में कापसहेड़ा थाना प्रभारी विक्रम दहिया के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी निगरानी की मदद ली और खुफिया सूचनाओं को आधार बनाकर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर छापेमारी की। लगातार की गई कार्रवाई के बाद पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गैंग का सरगना शुभम पंडित पहले भी 17 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है। वहीं उसका एक अन्य साथी 12 मामलों में वांछित बताया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में वह बदमाश भी शामिल है जिसने कापसहेड़ा में हुई लूट के दौरान फायरिंग करने का प्रयास किया था, हालांकि उसका प्रयास सफल नहीं हो पाया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गैंग केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी सक्रिय था। उत्तर प्रदेश में हुई लगभग 50 लाख रुपये की लूट की एक बड़ी वारदात में भी गैंग के सदस्यों की संलिप्तता सामने आई है। इसके अलावा हरियाणा के फरीदाबाद में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में भी इस गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गैंग के मास्टरमाइंड शुभम पंडित को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर रेकी करने वाले उसके साथी गुलजार को भी दबोच लिया गया। पुलिस अन्य आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गैंग किन-किन वारदातों में शामिल रहा है तथा इसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद तीन पिस्टल और जिंदा कारतूसों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया था। साथ ही बरामद नकदी के स्रोत और लूट की अन्य घटनाओं से उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं, जिससे अन्य लंबित मामलों को सुलझाने में भी मदद मिलेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।






