
Mamata Banerjee News: भवानीपुर चुनाव परिणाम को ममता बनर्जी ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, हार के 42 दिन बाद दाखिल की याचिका
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नई कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। चुनाव परिणाम घोषित होने के 42 दिन बाद ममता बनर्जी स्वयं कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं और याचिका से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उनके साथ तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन तथा कल्याण बनर्जी भी मौजूद रहे।
भवानीपुर विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल के वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला था। यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा था। मतगणना के बाद घोषित परिणामों में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,104 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले थे, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं सीपीएम उम्मीदवार श्रीजीब विश्वास तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 3,556 वोट मिले।
मतगणना के दौरान मुकाबला काफी रोमांचक बना रहा। शुरुआती 16 से 17 राउंड तक ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए थीं और ऐसा लग रहा था कि वह सीट अपने नाम कर लेंगी। हालांकि जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर कम होता गया। अंतिम चरणों में शुभेंदु अधिकारी ने निर्णायक बढ़त हासिल कर ली और अंततः जीत दर्ज की।
भवानीपुर सीट की मतगणना के दौरान विवाद और हंगामे की भी कई घटनाएं सामने आई थीं। 4 मई 2026 को मतगणना केंद्र सखावत मेमोरियल स्कूल में कुछ समय के लिए मतगणना प्रक्रिया रोकनी पड़ी थी। चुनाव अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर मतगणना केंद्र के अंदर पहुंच गया था, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बाद में स्थिति सामान्य होने पर मतगणना दोबारा शुरू की गई।
मतगणना के दौरान राजनीतिक तनाव भी लगातार बढ़ता रहा। जैसे-जैसे मुकाबला कांटे का होता गया, ममता बनर्जी स्वयं मतगणना केंद्र पहुंच गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया, सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया था कि उन्हें स्वयं भी धक्का-मुक्की जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
अब इन्हीं घटनाओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं को आधार बनाकर ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को अदालत में चुनौती दी है। उनकी याचिका में चुनाव प्रक्रिया और मतगणना के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है। हालांकि अदालत में दाखिल याचिका के विस्तृत बिंदुओं का अभी आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हुआ है।
यह पहला मौका नहीं है जब ममता बनर्जी ने अपनी चुनावी हार को कानूनी चुनौती दी हो। इससे पहले वर्ष 2021 में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर शुभेंदु अधिकारी से हारने के बाद भी उन्होंने अदालत का रुख किया था। नंदीग्राम चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है। अब भवानीपुर सीट को लेकर दायर नई याचिका ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भवानीपुर सीट को लेकर शुरू हुई यह कानूनी लड़ाई आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। फिलहाल सभी की नजरें कलकत्ता हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और अदालत के रुख पर टिकी हुई हैं।






