
PoK Violence: सीक्रेट डोजियर में बड़ा दावा, PoK में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 26 लोगों की मौत
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर सामने आए एक सीक्रेट डोजियर ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कॉन्फिडेंशियल दस्तावेज में 5 जून से 9 जून के बीच पाकिस्तान द्वारा चलाए गए सुरक्षा अभियान का विस्तृत विवरण दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कार्रवाई में कुल 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें 19 बच्चे और 7 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
डोजियर के अनुसार यह प्रदर्शन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) आंदोलन के तहत किए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी कथित मानवाधिकार उल्लंघन, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। लंबे समय से लोग बुनियादी सुविधाओं और अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन को दबाने के लिए पाकिस्तान ने भारी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की। दस्तावेज के मुताबिक करीब 14,000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को इलाके में भेजा गया। आरोप है कि इन बलों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाइव गोलियों का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, मृतकों के अंतिम संस्कार और शोक सभाओं में शामिल लोगों पर भी बल प्रयोग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
डोजियर में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा अभियान के दौरान आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कथित तौर पर महिलाओं और बच्चों तक को हिंसा का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में इन घटनाओं को गंभीर मानवीय संकट बताया गया है और इसकी अंतरराष्ट्रीय तथा स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
एक अन्य गंभीर आरोप कम्युनिकेशन ब्लैकआउट को लेकर लगाया गया है। दस्तावेज के अनुसार कार्रवाई के दौरान इंटरनेट और संचार सेवाओं को बंद कर दिया गया ताकि घटनाओं की तस्वीरें, वीडियो और अन्य सबूत बाहर न जा सकें। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा बलों की कार्रवाई का डॉक्यूमेंटेशन रोकना था।
डोजियर में यह भी आरोप लगाया गया है कि JAAC आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया। कुछ नेताओं के मारे जाने और कई अन्य के हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
PoK में हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि रिपोर्ट में मानवाधिकार उल्लंघन और अत्यधिक बल प्रयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र जांच और पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।




