
Chandranath Rath Murder Case: चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में बलिया से नवीन सिंह गिरफ्तार, 5 अवैध हथियार बरामद, US कनेक्शन से बढ़ी जांच
पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब उत्तर प्रदेश के बलिया तक पहुंच गई है। मामले में STF वाराणसी और CBI की संयुक्त कार्रवाई के बाद बलिया में हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियों ने फेफना थाना क्षेत्र के थम्हनपुरा गांव निवासी नवीन कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में एक विदेशी पिस्टल पर “PROPERTY OF THE USA Government” लिखा मिलने के बाद इस केस में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका भी गहरा गई है।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के हाई प्रोफाइल चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के दौरान STF को इनपुट मिला था कि बलिया निवासी नवीन कुमार सिंह के पास अवैध हथियारों का जखीरा छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही STF इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह अपनी टीम के साथ बलिया पहुंचे और बिसुनीपुर चौराहे के पास से आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद एजेंसियों की जांच और तेज हो गई।
एफआईआर के अनुसार नवीन कुमार सिंह ने पूछताछ में बताया कि 7 मई को शीतल दवनी निवासी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मन्नू अपने साथियों राजकुमार सिंह और गोलू सिंह के साथ उसके घर आया था। आरोप है कि मन्नू ने एक झोले में हथियार रखकर नवीन से उसे सुरक्षित रखने के लिए कहा था। कुछ दिनों बाद जब आरोपी ने राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी की खबर देखी तो वह घबरा गया और हथियारों से भरे झोले को अपने NH-31 स्थित गोदाम में छिपा दिया।
इसके बाद STF की टीम आरोपी को लेकर गोदाम पहुंची, जहां से एक विदेशी 9 एमएम पिस्टल, दो 32 बोर पिस्टल, दो रिवॉल्वर, 45 जिंदा कारतूस, 9 खोखा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद विदेशी पिस्टल पर अमेरिकी सरकारी संपत्ति से जुड़ा निशान मिलने के बाद जांच एजेंसियां अब इस हथियार के स्रोत और संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई है। पुलिस के अनुसार जब आरोपी से हथियारों के लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद STF ने नवीन कुमार सिंह को आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बलिया से लेकर पश्चिम बंगाल तक सुरक्षा एजेंसियों में हलचल तेज हो गई है और अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
मामले में गिरफ्तार नवीन कुमार सिंह के अधिवक्ता और क्रिमिनल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरवंश सिंह ने दावा किया कि उनके मुवक्किल का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने कहा कि नवीन कुमार सिंह को बलिया सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया था। CBI ने उन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश की, लेकिन जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण अदालत ने रिमांड अर्जी खारिज कर दी। फिलहाल आरोपी को मऊ जेल भेज दिया गया है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि बाद में CBI दोबारा रिमांड की मांग कर सकती है, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि नवीन कुमार सिंह को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
इस हाई प्रोफाइल मामले में अब कई राज्यों की एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। विदेशी पिस्टल की बरामदगी और पश्चिम बंगाल से जुड़े तारों ने जांच को और संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।






