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Sarojini Nagar Encroachment Row: सरोजिनी नगर मार्केट में बड़े दुकानदारों पर अवैध कब्जे के आरोप, पटरी वालों ने उठाई कार्रवाई की मांग

Sarojini Nagar Encroachment Row: सरोजिनी नगर मार्केट में बड़े दुकानदारों पर अवैध कब्जे के आरोप, पटरी वालों ने उठाई कार्रवाई की मांग

दिल्ली के मशहूर सरोजिनी नगर मार्केट में अवैध अतिक्रमण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बाजार में छोटे पटरी व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बड़े दुकानदारों पर नियमों का उल्लंघन कर सार्वजनिक जगहों पर कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि बाजार में पैदल चलने वालों के रास्तों, वेंडिंग स्पेस और अन्य निर्धारित क्षेत्रों पर अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारियों और पटरी विक्रेताओं का कहना है कि कई बड़े दुकानदारों ने पैदल चलने वालों के रास्ते को अपनी दुकानों का हिस्सा बना लिया है। आरोपों के मुताबिक लगभग 60 फीट लंबी दुकानों के बावजूद कई दुकानदार आगे और पीछे अतिरिक्त 10-10 फीट तक जगह घेरकर व्यापार कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अब पटरी व्यापारियों के लिए निर्धारित जगहों पर भी कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

बाजार में अवैध निर्माण को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अधिकांश दुकानों में अवैध बेसमेंट बनाए गए हैं और दुकान के पीछे टॉयलेट के लिए निर्धारित स्थानों को भी दुकान में बदल दिया गया है। यह सब कथित तौर पर एनडीएमसी नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अलावा पहली मंजिल, जिसे परिवार के रहने के लिए आवंटित किया गया था, उसका भी व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुकानदारों ने नियमों के विरुद्ध दूसरी मंजिल तक निर्माण कर उसे भी कमर्शियल उपयोग में बदल दिया है। दुकानों के बाहर कई-कई वेंडिंग स्टैंड और लोहे की रिंग्स लगाकर अतिरिक्त अतिक्रमण किया जा रहा है। इतना ही नहीं, दुकानों की साइड विंडो को भी छोटी दुकानों में बदलकर वहां माल बेचा जा रहा है।

पटरी व्यापारियों का कहना है कि जहां गरीब लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए बैठते हैं, वहां बड़े दुकानदार अपनी महंगी गाड़ियां खड़ी कर जगह घेर लेते हैं ताकि छोटे विक्रेता वहां व्यापार न कर सकें। इस मुद्दे को लेकर बाजार में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है।

छोटे व्यापारियों और पटरी विक्रेताओं ने आरोप लगाया है कि जो बड़े दुकानदार खुद अवैध अतिक्रमण में शामिल हैं, वही “अतिक्रमण हटाओ” अभियान के नाम पर प्रदर्शन करते हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई केवल गरीब पटरी वालों पर नहीं बल्कि सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद से मांग की है कि बाजार में सभी अवैध निर्माण और कब्जों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नियम सबके लिए बराबर लागू किए जाएं। उनका कहना है कि गरीब पटरी वालों का हक छीना जाना बंद होना चाहिए और केवल कमजोर वर्ग पर कार्रवाई करने के बजाय बड़े स्तर पर हो रहे अवैध अतिक्रमण पर भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

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