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West Bengal Assembly Election: TMC ने घोषित किए सभी उम्मीदवार, ममता बनर्जी भवानीपुर से लड़ेंगी चुनाव

West Bengal Assembly Election: TMC ने घोषित किए सभी उम्मीदवार, ममता बनर्जी भवानीपुर से लड़ेंगी चुनाव

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी भाजपा द्वारा पहली सूची जारी करने के अगले दिन, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास से राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की।

राज्य की कुल 294 सीटों में से तीन सीटें दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की सहयोगी पार्टी जीटीए (जीटीए प्रमुख अनित थापा) के लिए छोड़ी गई हैं, इसलिए उन पर टीएमसी ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।

भवानीपुर में इस बार कड़ी टक्कर होने की संभावना है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी। उनका मुकाबला भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से होगा। भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को इस बार दो विधानसभा सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा नंदीग्राम में सुवेंदु के खिलाफ पवित्र कर को टिकट दिया गया है।

याद रहे कि ममता ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था और बेहद करीबी मुकाबले में उन्हें सुवेंदु से 1956 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। उस समय भवानीपुर से वरिष्ठ टीएमसी नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया गया था। नंदीग्राम में हार के बाद ममता ने बाद में भवानीपुर से उपचुनाव में जीत दर्ज की थी।

पार्टी द्वारा जारी सूची में सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखा गया है। इस बार घोषित उम्मीदवारों में 52 महिलाएं, 78 अनुसूचित जाति, 17 अनुसूचित जनजाति और 47 मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवार शामिल हैं। टीएमसी ने कई नए और युवा चेहरों को मौका दिया है, जबकि कई मौजूदा विधायकों और मंत्रियों का टिकट काटा गया है। इसके अलावा कई विधायकों की सीट भी बदली गई है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 2011 से लगातार पश्चिम बंगाल में सत्ता पर काबिज है। इस बार भी पार्टी ने पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में कदम रखा है, और भवानीपुर में ममता और सुवेंदु अधिकारी के बीच प्रतिद्वंद्विता को बेहद अहम माना जा रहा है।

 

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