
Noida Coaching Fire: विद्यामंदिर क्लासेज़ में भीषण आग, 6 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू, बड़ा हादसा टला
नोएडा के सेक्टर-4 स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान Vidyamandir Classes (VMC) में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। चार मंजिला इमारत के पहले तल से उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार ने आसपास के लोगों में दहशत फैला दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस दिन संस्थान में अवकाश था, जिसके चलते कोई छात्र, शिक्षक या स्टाफ मौजूद नहीं था और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले इमारत के प्रथम तल से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
फायर अधिकारियों के मुताबिक आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे भवन की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस इमारत में रोजाना सैकड़ों छात्र IIT-JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं, वहां इस तरह की आग की घटना चिंताजनक मानी जा रही है। यदि यह घटना किसी कार्यदिवस में होती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी।
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि कहीं आसपास कचरा जल रहा है, लेकिन जब आग की लपटें तेज हुईं, तब स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। वहीं अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर चिंता देखने को मिली। कई अभिभावकों ने फायर सेफ्टी को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग की है।
फायर विभाग ने बताया कि इमारत में फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति की जांच की जा रही है और यह भी देखा जाएगा कि सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही NOC और अन्य सुरक्षा दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है।
नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने संस्थान प्रबंधन से जवाब मांगा है और इमारत का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कक्षाएं बंद रखने का फैसला लिया गया है। छात्रों और अभिभावकों को आगे की जानकारी संस्थान द्वारा दी जाएगी।
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि बहुमंजिला इमारतों में संचालित कोचिंग संस्थानों के लिए फायर सेफ्टी मानकों का पालन बेहद जरूरी है। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी टल गई, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए एक चेतावनी जरूर है।






