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Nepal Bus Accident: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी, 18 यात्रियों की मौत

Nepal Bus Accident: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी, 18 यात्रियों की मौत

नेपाल में एक बार फिर भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। सोमवार तड़के करीब 1:15 बजे पोखरा से काठमांडू जा रही एक यात्री बस धादिंग जिले में त्रिशूली नदी में जा गिरी। हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में छह महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जबकि घायलों में महिलाएं, पुरुष और एक नाबालिग लड़की भी शामिल है।

यह दुर्घटना बेनिघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-3 के चिनाधारा, चरौंडी इलाके में हुई। बस पृथ्वी हाईवे पर काठमांडू की ओर बढ़ रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और करीब 300 मीटर गहरी ढलान से नीचे नदी किनारे जा गिरी। बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पाई गई। हादसा इतनी भयावह था कि आसपास के लोग भी सहम गए।

राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स, नेपाल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। रात का अंधेरा, पहाड़ी इलाका और गहरी ढलान बचाव कार्य में बड़ी बाधा बने। कई घायलों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है।

जिला ट्रैफिक पुलिस प्रमुख शिशिर थापा के अनुसार हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती आशंका है कि तेज रफ्तार, मोड़ पर नियंत्रण खोना या सड़क की खराब स्थिति दुर्घटना की वजह हो सकती है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

नेपाल में पहाड़ी सड़कों पर लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले 6 फरवरी को बैतडी जिले में बारातियों से भरी एक बस करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी और 34 घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सड़क सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।

ताजा हादसे ने एक बार फिर नेपाल में लंबी दूरी की रात की यात्राओं, तेज रफ्तार और पहाड़ी मार्गों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने कहा है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

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