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Palghar Firecracker Factory Blast: महाराष्ट्र के पालघर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 2 की मौत, 4 घायल

Palghar Firecracker Factory Blast: महाराष्ट्र के पालघर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 2 की मौत, 4 घायल

महाराष्ट्र के Palghar जिले में एक बार फिर अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। वाडा तहसील के कोंसाई गांव में स्थित एक अस्थायी यूनिट में हुए इस धमाके में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब फैक्ट्री में पटाखों के निर्माण का काम चल रहा था। अचानक बारूद में जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे पूरी यूनिट में आग फैल गई और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एक मजदूर का शव करीब 300 फीट दूर जा गिरा।

नागरिक आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम के अनुसार, यह विस्फोट दोपहर करीब 12 बजे एक पुराने फार्महाउस के टिन शेड में चल रही अस्थायी पटाखा यूनिट में हुआ। उस समय करीब 35 मजदूर, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, “ट्विन बम” बनाने का काम कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब केमिकल मिलाने की प्रक्रिया चल रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घायलों की पहचान मोनिका महेंद्र जाधव, जागृति जगदीश गावटे, प्रतिभा प्रताप पवार और मोनिका मोहन वर्दी के रूप में हुई है। सभी को पहले वाडा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भिवंडी और अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया।

घटना के बाद Maharashtra Police और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया, लेकिन तब तक फैक्ट्री में भारी नुकसान हो चुका था।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इलाके में कई औद्योगिक इकाइयां होने के बावजूद फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है। अवैध पटाखा यूनिटों के संचालन पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मृतकों की पहचान भावेश दिलीप वावरे (35) और मोनिका सचिन पाडवले (30) के रूप में हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध यूनिट किसकी अनुमति से चल रही थी।

यह हादसा एक बार फिर देशभर में पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध संचालन पर गंभीर चिंता खड़ी करता है।

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