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LPG Price Hike: मिडल ईस्ट तनाव का असर, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2078 पार

LPG Price Hike: मिडल ईस्ट तनाव का असर, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2078 पार

मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत के बाजारों में साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। ताजा बढ़ोतरी में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम करीब 195.50 रुपये बढ़ गए हैं, जिसके बाद इसकी कीमत लगभग 2078.50 रुपये तक पहुंच गई है।

इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ रहा है, जो रोजमर्रा के काम के लिए गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं। रेस्टोरेंट संचालक खुश कुमार बिंद्रा का कहना है कि सिर्फ गैस ही नहीं, बल्कि सब्जियों, राशन और अन्य जरूरी चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार मिडल ईस्ट में तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिससे लागत बढ़ती जा रही है और कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई रेस्टोरेंट मालिक अब गैस की खपत कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय अपना रहे हैं। कुछ जगहों पर लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल बढ़ गया है, वहीं तंदूर जैसी पारंपरिक विधियों को फिर से अपनाया जा रहा है। खुश कुमार बिंद्रा के अनुसार, पहले जहां एक दिन में एक गैस सिलेंडर खत्म हो जाता था, अब उसी सिलेंडर को 4 से 5 दिन तक चलाने की कोशिश की जा रही है, ताकि खर्च को किसी तरह नियंत्रित किया जा सके।

दूसरी ओर, पनीर कारोबार से जुड़े व्यापारी आयान का कहना है कि गैस की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है। पहले जहां लागत और मुनाफे के बीच संतुलन बना रहता था, अब खर्च बढ़ने के कारण मुनाफा लगातार घटता जा रहा है। इसके अलावा लेबर की कमी भी कारोबार पर असर डाल रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और सप्लाई में भी दिक्कतें आ रही हैं।

कमर्शियल एलपीजी के दाम बढ़ने का असर होटल, ढाबा, डेयरी और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लगभग सभी व्यवसायों पर पड़ रहा है। कारोबारी अब या तो कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं या फिर अपनी लागत कम करने के नए तरीके खोज रहे हैं। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि खाने-पीने की चीजें महंगी होती जा रही हैं।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती महंगाई का दबाव अब स्थानीय बाजारों पर साफ नजर आने लगा है। अगर मिडल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं होता, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों और कारोबारियों दोनों की मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।

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