
Raja Raghuvanshi Murder Case: हनीमून पर पति की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी ने किया सरेंडर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर जेल
मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने 28 जुलाई को सरेंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जमानत रद्द किए जाने और तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश के बाद सोनम दोबारा जेल पहुंच गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर सख्त टिप्पणी करते हुए उसे रद्द कर दिया था। अदालत ने कहा था कि प्रथम दृष्टया आरोपी जमानत की हकदार नहीं थी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को उसकी गिरफ्तारी के कारणों की पूरी जानकारी थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गिरफ्तारी मेमो में कथित टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत दिए जाने के तर्क को भी स्वीकार नहीं किया। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि गिरफ्तारी मेमो में किसी प्रकार की टाइपिंग संबंधी गलती को जमानत देने का आधार नहीं बनाया जा सकता।
अदालत ने मामले की सुनवाई की स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल फिलहाल एक अहम चरण में है। ऐसे में आरोपी को इस समय जमानत पर बाहर रखने का आधार पर्याप्त नहीं है। इसी के साथ अदालत ने सोनम की जमानत रद्द करते हुए उसे निर्धारित समयसीमा के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो सोनम कानून के अनुसार दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती है। इस टिप्पणी के बाद अब मामले की सुनवाई और ट्रायल की प्रगति पर नजर रहेगी।
सोनम के सरेंडर के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि परिवार को शुरू से ही न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और उन्हें विश्वास था कि उनके भाई को न्याय मिलेगा।
विपिन रघुवंशी ने मेघालय सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई की भी सराहना की। उनका कहना है कि जांच एजेंसियों की प्रभावी कार्रवाई के कारण राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम एक बार फिर जेल पहुंची है।
राजा के भाई ने उम्मीद जताई कि मामले का ट्रायल जल्द पूरा होगा और अगर आरोप अदालत में साबित होते हैं तो सभी दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। परिवार लंबे समय से इस मामले में न्याय की मांग करता रहा है।
मेघालय का यह मामला सामने आने के बाद देशभर में चर्चा का विषय बना था। हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या और उसके बाद मामले की जांच में सामने आए कथित घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद सोनम के दोबारा जेल जाने से मामले की कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है।
फिलहाल सोनम रघुवंशी के सरेंडर के बाद अदालत में चल रहे ट्रायल की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से छह महीने में ट्रायल पूरा नहीं होने की स्थिति में नए सिरे से जमानत अर्जी दाखिल करने की संभावना का उल्लेख किए जाने के कारण आने वाले महीनों में मामले की सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






