
UP Crime: बांदा पोर्नोग्राफी केस में JE और पत्नी को फांसी की सजा
उत्तर प्रदेश के बांदा में बहुचर्चित पोर्नोग्राफी मामले में अदालत ने सिंचाई विभाग के जेई रामभवन और उसकी पत्नी को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) ने की थी, जिसमें बच्चों का यौन शोषण कर अश्लील वीडियो विदेशों में बेचने के पुख्ता सबूत सामने आए थे। अदालत ने सरकार को पीड़ित बच्चों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।
बांदा की अदालत ने अपने 160 पन्नों के फैसले में इस अपराध को अत्यंत जघन्य करार दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों ने मासूम बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य किया, जो समाज और कानून दोनों के लिए अस्वीकार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधों में कठोरतम सजा ही न्यायसंगत है।
जांच के दौरान आरोपियों के घर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे। इन उपकरणों से बच्चों के अश्लील वीडियो और सैकड़ों तस्वीरें मिलीं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन वीडियो को इंटरनेट के जरिए विदेशों में भेजा और बेचा जा रहा था।
सरकारी वकील कमल सिंह गौतम के मुताबिक, मामला अक्टूबर 2020 में सामने आया था जब इंटरपोल से सूचना मिली कि बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो ऑनलाइन प्रसारित किए जा रहे हैं। इसके बाद CBI ने छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और विस्तृत जांच शुरू की।
फरवरी 2021 में एजेंसी ने चार्जशीट दाखिल की और अदालत में 74 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया गया कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।





