
Assam Flood: बाढ़ से मृतकों की संख्या 75 पहुंची, अमित शाह ने हिमंत बिस्व सरमा से की बात
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य में इस साल बाढ़ से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा से फोन पर बातचीत की और राज्य में बाढ़ की स्थिति के साथ-साथ राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के मुताबिक, अमित शाह ने बातचीत के दौरान बाढ़ प्रभावित इलाकों की जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। गृह मंत्री ने कहा कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण से जुड़े कार्यों में केंद्र सरकार राज्य के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
अमित शाह ने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की सभी संबंधित एजेंसियां और उपलब्ध संसाधन बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब अमित शाह ने उनसे असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर बातचीत की है। इससे पहले 23 जुलाई को भी गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर हालात की समीक्षा की थी।
इस बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार से असम के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस विधायक जॉय प्रकाश दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की मांग की है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी मांग की।
जॉय प्रकाश दास ने कहा कि असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए कांग्रेस विधायक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी कांग्रेस विधायक अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी लोकसभा में असम की स्थिति का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक और प्रशासनिक सहायता की जरूरत है और केंद्र को राज्य सरकार के साथ मिलकर बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाना चाहिए।
वहीं, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी और फिल्म निर्माता रिंकी भुइयां सरमा ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त 50 स्कूलों के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। यह राशि उनकी फिल्म ‘कोकादेउता नाती अरु हाथी-2’ से होने वाली आय से दी जाएगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार, राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रही है। प्रभावित गांवों तक राहत टीमें पहुंचाई जा रही हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा सुविधा और बच्चों की आवश्यक जरूरतों से जुड़ी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री एवं अन्य संसाधन भेजे जा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि तत्काल राहत और बचाव अभियान के बाद बाढ़ से हुए नुकसान का व्यापक आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।
असम में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार हो रही बातचीत से राहत एवं बचाव अभियान को गति देने की कोशिश की जा रही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से विशेष राहत पैकेज और मृतकों के परिवारों के लिए अधिक आर्थिक सहायता की मांग के बाद आने वाले दिनों में केंद्र की ओर से राहत को लेकर किसी बड़े ऐलान पर भी नजर रहेगी।






