
Assam BJP Manifesto: महिलाओं को ₹3000, 2 लाख नौकरियों का बड़ा वादा
असम विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने गुवाहाटी में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर सियासी माहौल गर्म कर दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस ‘संकल्प पत्र’ को लॉन्च करते हुए राज्य के विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और असमिया पहचान की सुरक्षा को लेकर कई बड़े वादे किए। इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा ऐलान ‘अरुणोदय’ योजना के तहत हर महीने ₹3000 देने का किया है, जो पहले से दी जा रही सहायता राशि से अधिक है। इसके साथ ही युवाओं के लिए 2 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया गया है, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की बात कही गई है। पार्टी ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ और ‘एक यूनिवर्सिटी, एक इंजीनियरिंग कॉलेज’ की योजना भी सामने रखी है।
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी का यह घोषणापत्र असम में पिछले एक दशक में हुए बदलावों पर आधारित है, जो कांग्रेस 60 वर्षों में भी नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट के विकास पर कभी गंभीर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण असम को लंबे समय तक Armed Forces Special Powers Act के साये में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिरता और शांति से ही विकास संभव है, और बीजेपी सरकार में बेहतर अवसर मिलने के कारण युवा अब वापस अपने राज्य लौट रहे हैं।
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में असमिया मूल निवासियों की जमीन, विरासत और सम्मान की रक्षा का वादा किया है। इसके तहत अवैध अतिक्रमण हटाने और भूमि सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की बात कही गई है। साथ ही ‘भूमि जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई का भी ऐलान किया गया है। पार्टी ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा किया है, हालांकि छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को इससे छूट देने की बात कही गई है।
राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बीजेपी ने असम में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, जिससे असम को भारत के पूर्वी प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया जा सके। इसके अलावा राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना भी शामिल है।
असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है, जहां दोनों ही पार्टियां अपने-अपने वादों के जरिए मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में जुटी हैं।






