
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के वसुंधरा इलाके में प्रेम संबंधों से जुड़ा एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां एक जिम ट्रेनर ने कथित रूप से महिला के घर में घुसकर उसके पति पर चाकू से कई वार किए। घटना 26 अक्टूबर की सुबह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की जागृति RWA सोसायटी में हुई। घायल व्यक्ति की पहचान शशांक कंथरिया के रूप में हुई है, जो दिल्ली में डाक विभाग के लेखा कार्यालय में वरिष्ठ लेखाकार के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। घटनाक्रम के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई। पुलिस टीम ने इस प्रकरण में जिम ट्रेनर प्रताप सिंह और शशांक की पत्नी प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है। घटना से जुड़ा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद मामले में घटनाक्रम की कई अहम जानकारियां उजागर हुई हैं।
सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजकर 17 मिनट पर प्रिया शर्मा अपनी कार से सोसायटी से बाहर निकलती दिखाई देती हैं। इसके लगभग तीन मिनट बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर जिम ट्रेनर प्रताप सिंह सोसायटी में दाखिल होता नजर आता है। पुलिस का आरोप लगाया गया है कि प्रताप घर में पहुंचा और उस समय सो रहे शशांक पर चाकू से हमला कर दिया। जानकारी दी गई है कि हमले के वक्त शशांक अपनी छोटी बेटी के पास सो रहे थे। घटनाक्रम को अंजाम देने के बाद प्रताप सुबह करीब 5 बजकर 23 मिनट पर घर से बाहर निकलता दिखाई देता है। सीसीटीवी में उसकी गतिविधियां दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
घटना के दौरान आसपास रहने वाले लोगों को कुछ संदिग्ध गतिविधियों का एहसास हुआ। प्रताप को घर से तेजी से निकलते देखकर इलाके के लोगों को शक हुआ और उन्होंने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। एक सुरक्षा गार्ड और कुछ अन्य निवासियों ने भी उसे पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इलाके के लोगों की सहायता से आरोपी को सोसायटी के मुख्य गेट के पास पकड़ लिया गया। इसी बीच घायल शशांक को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और प्रकरण की जांच शुरू की। शशांक के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया। घटना के समय मौजूद बच्ची सुरक्षित बताई गई है।
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि प्रिया पिछले सात से आठ महीनों से वसुंधरा स्थित फिटनेस हेडक्वार्टर जिम में व्यायाम करने जाती थीं, जहां प्रताप सिंह ट्रेनर के रूप में काम करता था। पुलिस का आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में उनके बीच प्रेम संबंध बन गए। जांचकर्ताओं के मुताबिक, शशांक को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी। इसके पश्चात पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने की बात उजागर हुई है। पुलिस का कहना है कि शशांक दिवाली के बाद दूसरे मकान में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे थे। जांच से जुड़े अधिकारियों को संदेह है कि इसी घटनाक्रम के बीच प्रिया और प्रताप ने कथित रूप से शशांक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस का कहना है कि, हमले से एक दिन पहले यानी 25 अक्टूबर की सुबह प्रिया और प्रताप की भेंट हुई थी। जांचकर्ताओं का आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान दोनों ने शशांक पर हमले की योजना पर चर्चा की। अगले दिन सुबह प्रिया के घर से निकलने और कुछ मिनट बाद प्रताप के वहां पहुंचने की घटनाएं सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हुईं। पुलिस का यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रिया ने घर का दरवाजा खुला छोड़ा था, जिससे प्रताप को अंदर प्रवेश करने में आसानी हुई। इसके बावजूद, इस कथित साजिश में दोनों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं का अंतिम निर्धारण जांच तथा कानूनी एवं न्यायिक प्रक्रिया को आधार बनाकर होगा।
प्रकरण की जांच के दौरान पुलिस टीम ने प्रताप सिंह और प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने आरोपित व्यक्तियों की निशानदेही पर घटनाक्रम में इस्तेमाल किए गए चाकू भी बरामद किए हैं। शशांक के भाई की शिकायत को आधार बनाकर इंदिरापुरम थाने में हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों आरोपित व्यक्तियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाकर घटना की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, स्थानीय निवासियों के बयान और बरामद हथियार पड़ताल में अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का कोशिश में जुटी है कि हमले की योजना किस तरह बनाई गई और इसमें दोनों आरोपित व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।
इस वारदात ने वसुंधरा की जागृति RWA सोसायटी में रहने वाले लोगों को चिंतित कर दिया है। आवासीय परिसर में सुरक्षा प्रबंध के बावजूद किसी व्यक्ति का घर में प्रवेश कर इस तरह हमला करना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इलाके के लोगों की सतर्कता और निर्धारित समय पर हस्तक्षेप से आरोपी को पकड़ने में सहायता मिली। दूसरी ओर, घायल शशांक का उपचार जारी रहने की जानकारी उजागर हुई है। पुलिस टीम ने दोनों आरोपित व्यक्तियों को गिरफ्तार कर मामले को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया है। अभी जांच का प्रमुख मकसद हमले के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करना, कथित साजिश की पुष्टि करना और न्यायालय के समक्ष आरोपों से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करना है। मामले में आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला कानूनी एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।



