
Trump-Xi Summit: शी जिनपिंग व्हाइट हाउस पहुंचे, ट्रंप से व्यापार, AI, ताइवान और ईरान पर होगी अहम बातचीत
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को अमेरिका के व्हाइट हाउस पहुंचे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी अहम बैठक हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ताइवान और ईरान जैसे कई संवेदनशील मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं। शी जिनपिंग का मौजूदा दौरा 23 से 25 सितंबर तक चलने वाली उनकी तीन दिवसीय अमेरिकी राजकीय यात्रा का हिस्सा है।
शी जिनपिंग बुधवार को वाशिंगटन पहुंचे थे। उनके अमेरिका पहुंचने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। इस तरह का स्वागत अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा किसी विदेशी नेता के लिए लंबे समय बाद देखने को मिला। इसके बाद गुरुवार को शी जिनपिंग के लिए व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सैन्य सम्मान भी शामिल रहा।
दोनों नेताओं के बीच यह इस साल दूसरी मुलाकात बताई जा रही है और दोनों के बीच एक साल से भी कम समय में यह तीसरी आमने-सामने बैठक है। अमेरिका और चीन के बीच हाल के वर्षों में व्यापार और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के कारण तनाव रहा है, हालांकि दोनों देश बातचीत के जरिए मतभेदों को नियंत्रित करने की कोशिश भी कर रहे हैं। मौजूदा शिखर बैठक को इसी संवाद प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक के एजेंडे में सबसे प्रमुख मुद्दों में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध शामिल हैं। दोनों देशों ने पहले व्यापक टैरिफ टकराव के बाद व्यापार से जुड़ी अस्थायी सहमति बनाई थी। अब मौजूदा व्यापार युद्धविराम की अवधि को 10 जनवरी तक बढ़ाया गया है, जिससे दोनों पक्षों को व्यापक व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए अतिरिक्त समय मिला है। दोनों देशों के अधिकारी टैरिफ, कृषि उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं और निवेश से जुड़े मुद्दों पर आगे की व्यवस्था को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भी दोनों नेताओं की बातचीत का अहम हिस्सा है। अमेरिका और चीन AI तकनीक, उन्नत चिप्स और दूसरी रणनीतिक तकनीकों में एक-दूसरे के प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। इसी वजह से दोनों देशों के बीच AI से जुड़े सुरक्षा जोखिमों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को लेकर बातचीत बढ़ रही है। अमेरिकी पक्ष ने गंभीर AI घटनाओं की स्थिति में दोनों देशों के बीच तत्काल संपर्क के लिए एक तरह की आपातकालीन संचार व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव भी रखा है।
ताइवान का मुद्दा भी इस बैठक में संवेदनशील विषयों में शामिल है। चीन ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान के साथ सुरक्षा और रक्षा संबंध बनाए रखता है। हाल के महीनों में ताइवान को लेकर अमेरिकी हथियार सौदों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ऐसे में शी और ट्रंप की बातचीत में ताइवान से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।
ईरान का मुद्दा भी इस बैठक के एजेंडे में शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और उससे पैदा हुई क्षेत्रीय स्थिति के बीच चीन की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है। चीन के ईरान के साथ लंबे समय से आर्थिक और कूटनीतिक संबंध हैं। अमेरिकी पक्ष चीन के प्रभाव का इस्तेमाल ईरान से जुड़े गतिरोध को कम करने के लिए किए जाने की संभावना पर विचार कर सकता है, हालांकि इस मुद्दे पर दोनों देशों की प्राथमिकताएं अलग हैं।
इसके अलावा दुर्लभ खनिज यानी रेयर अर्थ मिनरल्स, तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला और उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीक भी अमेरिका-चीन संबंधों के अहम विषय बने हुए हैं। चीन इन रणनीतिक संसाधनों की वैश्विक आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है, जबकि अमेरिका महत्वपूर्ण तकनीकों और चिप्स से जुड़े निर्यात नियंत्रण के माध्यम से अपनी रणनीतिक बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। इन मुद्दों का असर दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ वैश्विक उद्योग और आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ता है।
दोनों नेताओं की बैठक के साथ अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को लेकर पहले हुए समझौतों की प्रगति भी चर्चा में रहने की उम्मीद है। मई 2026 में हुई पिछली बातचीत के बाद दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के लिए नए तंत्र विकसित करने तथा अमेरिकी कृषि उत्पादों और बोइंग विमानों की खरीद जैसे विषयों पर सहमति बनाई थी। हालांकि कई समझौतों को लागू करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
शी जिनपिंग की इस यात्रा के दौरान सिर्फ द्विपक्षीय बैठक ही नहीं, बल्कि कई औपचारिक कार्यक्रम भी निर्धारित हैं। गुरुवार को व्हाइट हाउस में बातचीत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में राजकीय रात्रिभोज आयोजित किया जाना है। इस दौरान अमेरिका की टेक्नोलॉजी और कॉरपोरेट दुनिया के कई प्रमुख लोगों के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है।
इस दौरे को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकताएं सामने आ रही हैं। अमेरिका जहां व्यापार, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने हितों को आगे बढ़ाना चाहता है, वहीं चीन द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता, व्यापारिक सहयोग और मतभेदों के प्रबंधन पर जोर दे रहा है। दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा कायम रहने के बावजूद उच्च स्तर का संवाद जारी रहना आगे के संबंधों की दिशा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा शुक्रवार को समाप्त होने वाली है। उनकी यात्रा के दौरान हुई बातचीत के बाद अमेरिका और चीन की ओर से अलग-अलग बयान जारी किए जाने की संभावना है। इन बयानों से यह स्पष्ट होगा कि व्यापार, AI, ताइवान, ईरान और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर दोनों पक्ष किस तरह की प्रगति या सहमति दर्ज करते हैं।






