
Jamui Minor Harassment Case: नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, POCSO के तहत केस; 32 सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई
बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा के नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ा है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है और आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम की है। दोनों नाबालिग कोचिंग से लौट रहे थे और जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके की ओर से स्कूटी से गुजर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि समूह ने दोनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें परेशान किया। घटना का वीडियो वहां मौजूद लोगों में से किसी ने बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और दोनों नाबालिगों से जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की गई। अब तक सात से आठ लोगों के नाम पुलिस की जांच में सामने आने की बात कही गई है।
तीन नाबालिग आरोपी गिरफ्तार
बिहार पुलिस की एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम के मुताबिक, मामले में अब तक तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उनकी तलाश में कार्रवाई जारी है।
मामले में जमुई थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में जिस किसी की भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
SIT करेगी पूरे मामले की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की है। एसआईटी की निगरानी जमुई के एसडीपीओ स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। टीम का काम वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करने, घटना की पूरी परिस्थितियों को समझने और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच करना है।
पुलिस घटना वाले इलाके में पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिगों का वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट्स पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। एडीजी के अनुसार, अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और सात एक्स अकाउंट्स को चिह्नित किया गया है। इन कुल 32 अकाउंट्स के खिलाफ वीडियो हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी नाबालिग पीड़ित की पहचान या चेहरा उजागर करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करना कानून के तहत अपराध हो सकता है। ऐसे मामलों में पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
घटना के बाद मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। वहीं बिहार सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस बाकी संदिग्धों की पहचान, उनकी गिरफ्तारी और घटना में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करने पर है।
मामले की जांच जारी है और पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के स्रोत तथा उसे आगे फैलाने वाले अकाउंट्स की भी जांच कर रही है। पीड़ित नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक न करने को लेकर भी पुलिस ने लोगों से अपील की है।






