
NDMC Meeting 2026: अंधेरे स्थानों पर नई स्ट्रीट लाइटें, EV पार्किंग में 50% छूट; सरोजिनी नगर में बनेगा 50 बेड का AYUSH अस्पताल
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद यानी NDMC की 21 सितंबर 2026 को पालिका केंद्र में हुई परिषद बैठक में नागरिक सुविधाओं और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पानी और सीवरेज व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, इलेक्ट्रिक वाहनों, पार्किंग, स्वास्थ्य, शिक्षा, कचरा प्रबंधन, बिजली मीटरिंग और कर्मचारियों से जुड़े कई फैसले लिए गए। NDMC के मुताबिक इन फैसलों का उद्देश्य क्षेत्र में नागरिक सेवाओं को आधुनिक बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। NDMC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार परिषद की बैठकों में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाते हैं।
बैठक की शुरुआत दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने मनोज कुमार द्विवेदी को NDMC अध्यक्ष पद और भारत के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई। बैठक में नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, विधायक एवं सदस्य वीरेंद्र सिंह कादियान, परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह, अनिल वाल्मीकि और सरिता तोमर तथा NDMC सचिव राहुल सिंह सहित अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के बाद NDMC कन्वेंशन सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि NDMC क्षेत्र में आधुनिक नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।
NDMC क्षेत्र में ऐसे कई स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध नहीं है। इन अंधेरे स्थानों पर नई ऑक्टागोनल स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। प्रस्ताव के तहत 6 मीटर, 8 मीटर और 11 मीटर ऊंचाई वाले लाइट पोल लगाए जाएंगे। इसके साथ पोल की नींव तैयार करने, केबल बिछाने और अर्थिंग का काम भी किया जाएगा। इस परियोजना के लिए ₹18.26 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति और व्यय मंजूरी दी गई है। NDMC के बिजली विभाग के अंतर्गत सड़क प्रकाश व्यवस्था का संचालन और रखरखाव भी आता है।
इलेक्ट्रिक वाहन इस्तेमाल करने वालों के लिए भी NDMC ने अहम फैसला लिया है। NDMC द्वारा संचालित पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया गया है। परिषद के अनुसार इसका उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना, वायु प्रदूषण कम करना और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाना है। यह छूट NDMC पार्किंग प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित सभी पार्किंग सुविधाओं पर लागू होगी।
धोबी घाट के पानी के पुराने बकाया बिलों को लेकर भी परिषद ने एकमुश्त राहत योजना को मंजूरी दी है। अप्रैल 2026 तक पानी के मद में करीब ₹63.52 करोड़ की राशि बकाया होने की जानकारी दी गई। लंबे समय से लंबित भुगतान और बिलों से जुड़े विवादों के कारण वसूली में आ रही दिक्कतों को देखते हुए पुराने बकाया पर लगाए गए विलंब भुगतान अधिभार यानी LPSC में एक बार की छूट देने का फैसला किया गया है।
धोबी घाट के पानी के शुल्क को भी सरल बनाने का निर्णय लिया गया है। पहले लागू 2.5 गुना गुणक को हटाया जाएगा, जबकि सीवरेज शुल्क पानी की खपत के शुल्क का 60 प्रतिशत रहेगा।
सरोजिनी नगर में 50 बेड का AYUSH अस्पताल और रिसर्च सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। परियोजना को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और NDMC के बीच 50:50 साझेदारी के आधार पर प्रस्तावित किया गया है। अस्पताल के निर्माण की अनुमानित लागत करीब ₹55 करोड़ बताई गई है। अस्पताल के संचालन के बाद NDMC का AYUSH विभाग इसके संचालन और प्रबंधन में संस्थागत भागीदार रहेगा। NDMC पहले से अपने क्षेत्र में अस्पताल, पॉलीक्लिनिक, डिस्पेंसरी और AYUSH सेवाएं संचालित करता है।
मोती बाग में ‘पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र’ स्थापित करने की योजना भी सामने आई है। प्रस्तावित केंद्र में कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं यानी CBT आयोजित की जा सकेंगी। NDMC के मुताबिक इससे विद्यार्थियों को आधुनिक परीक्षा सुविधा उपलब्ध होगी और परिषद को राजस्व प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
पार्किंग व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने के लिए Intelligent Integrated Parking System यानी Smart Parking शुरू करने की दिशा में भी कदम उठाया गया है। इसके लिए दोबारा RFP आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही पार्किंग शुल्क में बदलाव या संशोधन से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा गया है। प्रस्तावित स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था में लोगों को उपलब्ध पार्किंग स्थानों की जानकारी मोबाइल और डिजिटल माध्यम से मिल सकेगी। पार्किंग से संबंधित भुगतान और अन्य सुविधाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना है। नेविगेशन सुविधा के जरिए वाहन चालकों को पार्किंग स्थल तक पहुंचने में मदद मिलेगी। NDMC के मौजूदा Integrated Command and Control Centre में स्मार्ट पार्किंग सहित कई नागरिक सेवाओं की निगरानी की जाती है।
कनॉट प्लेस के सबवे में खराब पड़े सात एस्केलेटर को नए एस्केलेटर से बदलने की मंजूरी भी दी गई है। NDMC के अनुसार कनॉट प्लेस के सबवे का इस्तेमाल प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग करते हैं। वर्ष 2010 में यहां कुल 22 एस्केलेटर लगाए गए थे, जिनमें से प्रस्ताव में शामिल सात एस्केलेटर अब पूरी तरह गैर-कार्यशील हो चुके हैं। इन्हें नए Heavy Duty Outdoor/Public Service Escalators से बदला जाएगा। इस काम पर ₹6.09 करोड़ खर्च किए जाएंगे। स्थापना के बाद एक वर्ष की वारंटी और पांच वर्ष का CAMC यानी व्यापक रखरखाव अनुबंध भी प्रस्ताव में शामिल है। इससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और आम यात्रियों को सबवे के इस्तेमाल में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
NDMC क्षेत्र में Smart Electricity Metering लागू करने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए Advanced Metering Infrastructure यानी AMI Service Provider नियुक्त किया जाएगा और व्यवस्था DBFOOT मॉडल के तहत लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य बिजली मीटरों की निगरानी और मीटरिंग व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
NDMC अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने परिषद की ओर से पानी, सीवरेज, स्वच्छता और मानव संसाधन से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुराने आर.के. आश्रम मार्ग पर नए स्थान पर Water Supply Control Room स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पंडारा रोड सब-डिवीजन-III क्षेत्र में पुरानी CI पानी की पाइपलाइन को नई DI पाइपलाइन से बदला जाएगा।
सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए C-Hexagon से लोधी रोड, जाकिर हुसैन मार्ग, गोल्फ कोर्स और सुब्रमण्यम भारती मार्ग होते हुए जाने वाली 2100 मिलीमीटर व्यास की पुरानी RCC सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत की जाएगी। यह काम दो चरणों में किया जाएगा।
सीवर सफाई के लिए NDMC दो आधुनिक Jetting-cum-Suction Sewer Cleaning Machines भी खरीदेगा। इन मशीनों में सफाई के दौरान इस्तेमाल होने वाले पानी को रिसाइकिल कर दोबारा इस्तेमाल करने की सुविधा होगी। मशीनों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सात वर्षों तक सुनिश्चित की जाएगी। NDMC पहले भी पानी रिसाइक्लिंग तकनीक वाली सीवर सफाई मशीनों से जुड़े कार्यों के लिए निविदाएं जारी करता रहा है।
कचरा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ‘नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ठोस कचरा प्रबंधन उपनियम, 2026’ के मसौदे को मंजूरी दी गई है। NDMC के मुताबिक नए उपनियमों से क्षेत्र में ठोस कचरे के प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न नए पदों और भर्ती नियमों से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें हेड वायरमैन, वायरमैन, एयर कंडीशनिंग ऑपरेटर-कम-मैकेनिक, एयर कंडीशनिंग ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर मैकेनिकल, सहायक निदेशक राजभाषा, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी, ऑटो फिटर, सेंट्रीफ्यूगल मिस्त्री, सहायक सुरक्षा पर्यवेक्षक और गृह विज्ञान शिक्षक सहित कई पद शामिल हैं। NDMC अटल आदर्श विद्यालयों में विभिन्न विषयों के PGT पदों से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर किए गए।
बिजली और पानी की बिलिंग के लिए SAP सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक जारी रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे दोनों सेवाओं की बिलिंग प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
NDMC क्षेत्र में Bus Queue Shelters के Package-I और Package-II के निर्माण, संचालन और रखरखाव से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह काम Build, Operate and Transfer यानी BOT मॉडल पर किया जाएगा।
NDCC Phase-II के ब्लॉक B और C में मशीनीकृत सुविधा प्रबंधन और रखरखाव सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। इससे भवनों की साफ-सफाई, रखरखाव और अन्य सुविधाओं के प्रबंधन को व्यवस्थित करने की योजना है।
City Gas Distribution यानी CGD से जुड़े बुनियादी ढांचे के काम में तेजी लाने से संबंधित प्रस्तावों पर भी परिषद में विचार किया गया। LPG आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया तेज करने और लागू शुल्कों से छूट देने से संबंधित उपायों को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा दिल्ली से जुड़े National Capital Territory of Delhi Laws (Special Provisions) Second Act, 2011 की अवधि बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी परिषद में विचार किया गया और आवश्यक कार्रवाई की गई। विभिन्न वित्तीय सीमाओं के अंतर्गत आने वाले अनुबंधों और योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी परिषद के समक्ष रखे गए।
बैठक में पहले से स्वीकृत योजनाओं और कार्यों पर Action Taken Report तथा मार्च 2024 को समाप्त वित्तीय वर्ष की Annual Audit Report भी प्रस्तुत की गई। जनवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच NDMC क्षेत्र से कचरा उठाने और उसे निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने वाले PPP प्रोजेक्ट पर हुए खर्च का विवरण भी परिषद के सामने रखा गया।
इन फैसलों के जरिए NDMC ने स्ट्रीट लाइट, पार्किंग, इलेक्ट्रिक वाहन, स्वास्थ्य, पानी, सीवरेज, स्वच्छता, बिजली मीटरिंग और नगर सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों में नई योजनाओं को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। NDMC की मौजूदा नागरिक सेवाओं में बिजली, पानी, अस्पताल, ऑनलाइन बिलिंग, पार्किंग और अन्य डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं।






