
Swatantra Bhardwaj Detained: निशु आजाद के पिता से कथित मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन, बुलंदशहर से हिरासत में स्वतंत्र भारद्वाज
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पकड़ा गया। समाचार एजेंसी PTI ने दिल्ली पुलिस के हवाले से उसके हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। इस मामले को लेकर पिछले कुछ दिनों से CJP लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थी।
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग उस समय तेज हो गई थी, जब कथित मारपीट से संबंधित एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वीडियो एक इंटरव्यू का बताया जा रहा है, जिसमें भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट को लेकर बयान देता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर ज्यादा तूल पकड़ लिया।
CJP का आरोप है कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला किया गया था। संगठन का दावा था कि घटना के बाद पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस के सामने मामला उठाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग शुरू कर दी।
इसी सिलसिले में CJP का एक प्रतिनिधिमंडल संसद मार्ग थाने पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल के साथ सांसद चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव भी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कथित हमले का मामला उठाया गया और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद पुलिस की ओर से भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई थी। CJP प्रतिनिधियों के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने 72 घंटे के भीतर स्वतंत्र भारद्वाज को पकड़ने का आश्वासन दिया था। इसके बाद शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से उसे हिरासत में ले लिया।
मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई इंटरव्यू की क्लिप ने विवाद को और बढ़ा दिया था। वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता का सिर फोड़ने की बात स्वीकार करता दिखाई दिया। हालांकि वायरल वीडियो के पूरे संदर्भ और उसमें किए गए दावों की सत्यता पुलिस जांच का विषय है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद CJP ने सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से घटना से संबंधित ऐसा दावा कर रहा है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। संगठन ने दिल्ली पुलिस से वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाने और मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की।
CJP प्रतिनिधियों का यह भी दावा है कि पुलिस अधिकारियों ने मामले में दर्ज एफआईआर में परिस्थितियों और जांच के आधार पर अतिरिक्त धाराओं को शामिल करने का भरोसा दिया है। संगठन के मुताबिक इनमें हत्या के प्रयास से संबंधित धारा और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों को शामिल करने की मांग की गई है। किन धाराओं को अंतिम रूप से जोड़ा जाएगा, यह पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर स्पष्ट होगा।
दिल्ली पुलिस इससे पहले मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और दूसरे आरोपी सूरज कुमार से पूछताछ किए जाने की जानकारी दे चुकी थी। पुलिस के मुताबिक दोनों को घटना के बाद मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी और उन्हें आवश्यक नोटिस भी जारी किए गए थे।
पुलिस ने मामले में जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल करने की बात भी कही थी। इसके बावजूद CJP की ओर से लगातार आरोप लगाया जा रहा था कि मामले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था।
विवाद ने उस समय राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया, जब वायरल इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा कथित तौर पर अपने राजनीतिक संपर्कों का उल्लेख करने की बात सामने आई। सोशल मीडिया पर प्रसारित क्लिप को आधार बनाकर CJP ने आरोप लगाया कि भारद्वाज राजनीतिक पहचान की वजह से जेल जाने से बचने का दावा कर रहा था।
CJP ने इस कथित बयान को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि भारद्वाज के कथित राजनीतिक संपर्कों से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। किसी राजनीतिक व्यक्ति या दल की इस मामले में भूमिका के संबंध में भी अभी कोई प्रमाणित तथ्य सामने नहीं आया है।
इस पूरे मामले में निशु आजाद ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पिता के लिए न्याय की मांग उठाई थी। मामला सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए।
CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पार्टी नेताओं का कहना था कि मामले की जांच बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के होनी चाहिए और उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों तथा अन्य साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की जांच अगले चरण में पहुंच गई है। उससे पूछताछ के जरिए जंतर-मंतर पर हुई कथित मारपीट की परिस्थितियों और घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। साथ ही पुलिस मामले में उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों का मिलान भी कर सकती है।
फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया गया है। मामले में उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। पुलिस की आगे की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होगा कि एफआईआर में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जाती हैं या नहीं और कथित हमले से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।






