
Har Ghar Tiranga: NDMC की 10 दिवसीय कला प्रदर्शनी का समापन, 80 कलाकृतियां और 15 मूर्तियां रहीं आकर्षण का केंद्र
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप के सहयोग से जनपथ सबवे आर्ट गैलरी, आउटर सर्किल, कनॉट प्लेस में आयोजित 10 दिवसीय विशेष ‘हर घर तिरंगा 2026’ कला प्रदर्शनी एवं लाइव पेंटिंग कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन किया। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी के समापन समारोह में NDMC के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने प्रमुख कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की रचनात्मकता और उनके द्वारा कला के माध्यम से व्यक्त किए गए विचारों एवं भावनाओं की सराहना की। इस दौरान प्रतिभागी कलाकारों को उनके योगदान के लिए प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।
मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि कला में लोगों को आध्यात्मिकता और अपने भीतर की भावनाओं से जोड़ने की अद्वितीय क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों में विभिन्न दार्शनिक और आध्यात्मिक विषयों के साथ-साथ देश की राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों की झलक देखने को मिली।
NDMC अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल यह प्रदर्शनी सीमित स्तर पर आयोजित की गई है, लेकिन परिषद की योजना भविष्य में इसे बड़े मंच तक ले जाने की है। इसके तहत दिल्ली और देश के अलग-अलग हिस्सों के कलाकारों के साथ-साथ दुनिया के विभिन्न देशों के कलाकारों को भी ऐसे आयोजनों से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
उन्होंने आगामी BRICS शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि NDMC BRICS देशों और अन्य देशों के कलाकारों की कलात्मक अभिव्यक्तियों तथा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार करेगा। इसका उद्देश्य नई दिल्ली को कला, संस्कृति और रचनात्मकता के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में और मजबूत करना है।

मनोज कुमार द्विवेदी ने कहा कि NDMC निर्बाध नागरिक सेवाएं और विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार किसी भी सभ्यता और संस्कृति की वास्तविक विरासत उसकी कला में दिखाई देती है, क्योंकि कला समाज की भावनाओं, मूल्यों, कल्पनाशक्ति और सामूहिक चेतना को अभिव्यक्ति देती है।
10 दिनों तक चली इस विशेष कला प्रदर्शनी में लगभग 80 चित्रों और 15 मूर्तियों को प्रदर्शित किया गया। इन कलाकृतियों में भारत की राष्ट्रीय पहचान, विरासत, एकता, विविधता और तिरंगे के महत्व को अलग-अलग कलात्मक दृष्टिकोणों से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में स्थापित कलाकृतियों ने दर्शकों को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विभिन्न भावों से परिचित कराया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण लाइव पेंटिंग कार्यशाला रही। इसमें 10 प्रसिद्ध कलाकारों ने दर्शकों के सामने लाइव पेंटिंग तैयार की। कलाकारों की इस रचनात्मक प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को एक अलग और जीवंत स्वरूप दिया। लाइव पेंटिंग के माध्यम से एकता, विविधता, स्वतंत्रता, देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव जैसे विषयों को कलात्मक रूप से सामने रखा गया।
सम्मानित किए गए प्रमुख कलाकारों में दिलीप चंदोलिया, दिनेश राम, सेलेंद्र सिंह, रामोनकर, रुद्र, अमित दत्त, अनिल कुमार शर्मा, पूनम यादव, प्रशांत एवी और सुरेंद्र के. मिश्रा शामिल रहे। इसके अलावा 10 दिवसीय ‘हर घर तिरंगा’ कला प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों को कुल 80 प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
समापन समारोह में कलाकारों के साथ बड़ी संख्या में कला प्रेमी और आम लोग भी शामिल हुए। कार्यक्रम के जरिए कला और देशभक्ति के बीच संबंध को रेखांकित किया गया। आयोजकों का कहना रहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल देश की पहचान का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह एकता, स्वतंत्रता, विविधता और राष्ट्रीय गौरव जैसे मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।
NDMC के निदेशक (कला एवं संस्कृति) राजेश कुमार शाह ने बताया कि प्रदर्शनी में लगभग 80 पेंटिंग और 15 मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। उन्होंने कहा कि विभिन्न कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों के जरिए भारत की राष्ट्रीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत और तिरंगे से जुड़े भावों को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि लाइव पेंटिंग कार्यशाला ने प्रदर्शनी को विशेष आकर्षण प्रदान किया। दर्शकों के सामने कलाकारों को चित्र बनाते देखना उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा। इस दौरान कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

‘हर घर तिरंगा 2026’ कला प्रदर्शनी एवं लाइव पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन NDMC ने नव सिद्धार्थ आर्ट ग्रुप के सहयोग से किया। आयोजन का उद्देश्य नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज और उससे जुड़े मूल्यों के प्रति जोड़ना तथा कला के माध्यम से देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त करने के लिए कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना रहा।
NDMC की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम ने राजधानी में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ राष्ट्रीय गौरव की भावना को भी सामने रखा। प्रदर्शनी के सफल समापन के बाद NDMC की ओर से भविष्य में ऐसे बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कला आयोजनों की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।






