
Tiranga Yatra: कनॉट प्लेस में 6 हजार विद्यार्थियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने निकाली तिरंगा यात्रा, सीएम रेखा गुप्ता ने दिखाई हरी झंडी
नई दिल्ली। देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना के साथ नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की ओर से सोमवार को कनॉट प्लेस में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। ‘हर घर तिरंगा–2026’ अभियान के तहत आयोजित इस यात्रा में करीब 6 हजार विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, एनडीएमसी कर्मचारियों, अधिकारियों और विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनपथ रेडियल, इनर सर्कल, कनॉट प्लेस से तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
तिरंगा हाथों में लेकर निकले हजारों प्रतिभागियों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्कल का एक पूरा चक्कर लगाया। इस दौरान देशभक्ति के नारों से राजधानी का हृदयस्थल गूंज उठा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्र की एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एनडीएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह, अनिल वाल्मीकि और सरिता तोमर, एनडीएमसी सचिव राहुल सिंह समेत परिषद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों से आए नागरिकों ने भी यात्रा में भाग लिया।
विकसित भारत के संकल्प की यात्रा है तिरंगा यात्रा
तिरंगा यात्रा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हाथों में तिरंगा लेकर एक साथ चलना केवल एक मार्च नहीं, बल्कि देश के प्रति प्रेम, गौरव, सम्मान और देशभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा विकसित भारत के निर्माण के संकल्प की यात्रा है और इसमें बड़ी संख्या में शामिल बच्चे और युवा देश की नई ऊर्जा और सामर्थ्य के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा’ के आह्वान को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने का माध्यम बनी है। तिरंगा लेकर चलने वाला हर नागरिक विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक भारतीय की भागीदारी और सामूहिक योगदान जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री की ओर से बताए गए ‘सप्तधारा’ के माध्यम से देश की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी और प्रत्येक नागरिक इस परिवर्तन में भागीदार बनेगा।
तकनीक और नवाचार में भारत की क्षमता पर जोर
रेखा गुप्ता ने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, सॉफ्ट स्किल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल एक सपना नहीं, बल्कि एक मिशन है और इसके लिए पूरे देश को मिशन मोड में काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और युवाओं को विकसित भारत की मजबूत नींव बताते हुए कहा कि जब युवा शिक्षा हासिल करने के साथ नए विचारों और राष्ट्रहित में नवाचार पर ध्यान देंगे, तो देश की विकास यात्रा को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़कर विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने बताया तिरंगे को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि तिरंगा भारत के सम्मान, गौरव और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, कर्मचारियों, अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों की भागीदारी इस बात का संदेश देती है कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को सामूहिक प्रयासों से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यात्रा कनॉट प्लेस के इनर सर्कल से होकर आगे बढ़ी और प्रतिभागियों ने तिरंगा हाथों में लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। इनर सर्कल का एक पूरा चक्कर लगाने के बाद यात्रा का समापन किया गया।
चहल ने कहा कि एनडीएमसी स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। इससे बच्चों और युवाओं में देशभक्ति, नागरिक चेतना और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को बढ़ावा देने का संदेश गया।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा ने समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को एक राष्ट्रीय प्रतीक के तहत एकजुट होने का अवसर दिया। तिरंगा प्रत्येक भारतीय की साझा पहचान, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा–2026’ अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और राष्ट्रीय ध्वज को गर्व के साथ प्रदर्शित करने की अपील की गई। आयोजन ने स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।






