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Pune Illegal Fetal Sex Determination Racket: पुणे में भ्रूण लिंग जांच का बड़ा रैकेट बेनकाब, हर महीने 50 से ज्यादा अवैध जांच का खुलासा

Pune Illegal Fetal Sex Determination Racket: पुणे में भ्रूण लिंग जांच का बड़ा रैकेट बेनकाब, हर महीने 50 से ज्यादा अवैध जांच का खुलासा

महाराष्ट्र के Pune जिले में अवैध भ्रूण लिंग जांच और लिंग चयन के आधार पर गर्भपात कराने वाले एक बड़े संगठित रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और हर महीने दर्जनों गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच की जाती थी। मामले में कई आरोपियों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच के अनुसार, 14 मई 2026 को डॉक्टर सचिन गुर्जर को एक वीडियो मिला था, जिसमें कथित तौर पर अवैध भ्रूण लिंग जांच की प्रक्रिया दिखाई दे रही थी। वीडियो की पुष्टि के बाद 19 मई को दौंड तालुका के केडगांव निवासी अन्नासाहेब गिरी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई और अगले ही दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अन्नासाहेब गिरी ने अपने कई सहयोगियों के नाम उजागर किए, जिसके आधार पर पुलिस ने वाघोली निवासी अतुल जाधव, केसनंद निवासी नरेंद्र ठाकरे, भोर निवासी मंदार माली और उरुलीकांचन निवासी सुंदरम कदम को भी आरोपी बनाया। पुलिस ने 24 मई को अतुल जाधव को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। नरेंद्र ठाकरे पहले से ही एक अन्य मामले में न्यायिक हिरासत में है।

जांच के दौरान पुलिस ने एक सोनोग्राफी मशीन भी बरामद की है, जिसका उपयोग कथित रूप से भ्रूण लिंग जांच के लिए किया जाता था। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों से जुड़े वीडियो और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ने पूछताछ में अवैध जांच कराने की बात स्वीकार की है।

पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, मुख्य आरोपी अन्नासाहेब गिरी मूल रूप से अहिल्यानगर जिले का रहने वाला है और उसने फार्मेसी की पढ़ाई के साथ मेडिकल क्षेत्र में काम करने का अनुभव हासिल किया था। इसी नेटवर्क और संपर्कों का उपयोग कर वह यह अवैध रैकेट चला रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह आरोपी हर महीने लगभग 30 से 50 भ्रूण लिंग जांच करवाता था और पिछले 3 से 4 वर्षों से यह गतिविधि चल रही थी। शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क केवल पुणे तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के जिलों में भी फैला हो सकता है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस रैकेट में 12 से 15 डॉक्टर और कुछ अस्पताल भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अब तक 15 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है।

पुलिस का मानना है कि वास्तविक अवैध भ्रूण लिंग जांच की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क के और बड़े खुलासे संभव हैं।

 

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